Himanshu Dhillon Success Story: हरियाणा प्रदेश के जींद जिले के नगूरा क्षेत्र में ग्रामीण कस्बे में पले बढ़े हिमांशु ने अपनी अद्भुत निशानेबाजी के बल पर जींद जिले और हरियाणा प्रदेश का नाम पूरी दुनिया में रोशन कर दिया है। हिमांशु जापान में चल रही एशियन गेम्स प्रतियोगिता में निशानेबाजी रजत पदक के साथ दूसरे स्थान पर रहे। जब हिमांशु एशियन गेम्स रजत पदक के साथ कल अपने गांव लौटे तो ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस खुशी के मौके पर हिमांशु के गांव के लोगों ने कहा कि आज हमारे बेटे ने पूरे जींद जिले का दुनिया में नाम रोशन कर हमें गर्व की अनुभूति करवाई है।
हिमांशु ने एशियन गेम्स में 10 मीटर एयर राइफल की व्यक्तिगत और टीम स्पर्धा में जीते हैं दो रजत
जींद जिले के हिमांशु की चर्चा इन दिनों पूरे देश में हो रही है। हिमांशु ने जापान में आयोजित एशियन गेम्स में 10 मीटर एयर राइफल की व्यक्तिगत और टीम स्पर्धा में दो रजत पदक जीतकर अपने गांव और जिले के साथ पूरे देश का नाम रोशन कर दिया। एशियन गेम में दो रजत पदक जीतकर डाहौला के युवा निशानेबाज हिमांशु ढिल्लों का रविवार को जींद जिले के नगूरा क्षेत्र के अपने गांव डाहौला पहुंचे। हिमांशु का गांव पहुंचने पर कल ग्रामीणों ने अभिनंदन किया।
सांसद नवीन जिंदल के सहयोग से हासिल किया हिमांशु ने मुकाम
जींद जिले के रजत पदक विजेता हिमांशु ढिल्लों ने कहा कि 2018 में उन्होंने देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने का सपना देखा था। इस सपने को पूरा करने के लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसी दौरान सांसद नवीन जिंदल से उनका संपर्क हुआ और खेल जीवन को एक नई दिशा मिली। हिमांशु ने कहा कि जिंदल ने आर्थिक सहयोग और समय-समय पर जरूरी सुझाव के साथ प्रोत्साहन भी दिया। एशियन गेम्स में रजत पदक विजेता हिमांशु का सपना अब किसी बड़ी प्रतियोगिता में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना है।

