Railway Live Upgrade : हिसार से रेवाड़ी रेल मार्ग के लिए रेलवे विभाग द्वारा बड़े प्रोजेक्ट की मंजूरी दी गई है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद इस मार्ग पर ट्रेनों की ताकत दोगुनी हो जाएगी। इसके अलावा यात्री गाड़ियों के साथ मालगाड़ी के लोड की क्षमता बढ़ जाएगी। रेलवे की ओर से रेवाड़ी-भिवानी-हिसार रेल सेक्शन में मौजूदा 1×25 केवी इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम को 2×25 केवी सिस्टम में अपग्रेड किया जाएगा। इसके लिए 328.67 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य इस रेल सेक्शन को 3000 मीट्रिक टन तक के लोडिंग टारगेट के अनुरूप तैयार करना है। इससे भविष्य में इस रूट पर भारी मालगाड़ियों के संचालन और अधिक रेल ट्रैफिक को संभालने में मदद मिलेगी। आपकों बता दे कि हिसार में बड़ी-बड़ी इंडस्ट्री मौजूद है और वहां से देश के अन्य राज्यों के साथ विदेशों में माल की सप्लाई होती है। ऐसे में कम समय में ज्यादा माल इधर से उधर जा सकेगा।
इस तरीके से बढ़ाई जाएगी लाइन की ताकत
इलेक्ट्रिक ट्रेनों को चलाने के लिए ट्रैक के ऊपर ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) तार लगाए जाते हैं। मौजूदा व्यवस्था में ट्रेन को 25 केवी की ट्रैक्शन सप्लाई मिलती है। 1×25 केवी सिस्टम में बिजली की आपूर्ति और वापसी का विद्युत सर्किट इसी व्यवस्था के तहत काम करता है। जब किसी सेक्शन पर भारी मालगाड़ियों और अधिक ट्रेनों का संचालन बढ़ता है तो तो ट्रैक्शन सिस्टम पर विद्युत लोड भी बढ़ता है।
रेलवे में 2×25 केवी सिस्टम में रेलवे मौजूदा व्यवस्था को अपग्रेड करते हुए अतिरिक्त फीडर वायर और ऑटो ट्रांसफॉर्मर की व्यवस्था करेगा। इससे ट्रैक्शन पावर को अधिक प्रभावी तरीके से वितरित किया जा सकेगा। इसका सीधा फायदा भारी लोड वाली मालगाड़ियों के संचालन में मिलेगा। मालगाड़ियों की संख्या और वजन बढ़ने पर ट्रैक्शन सप्लाई पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव को कम किया जा सकेगा।
ज्यादा ट्रैफिक संभालने में भी मिलेगी मदद
हिसार-रेवाड़ी रेल सेक्शन हरियाणा के महत्वपूर्ण रेल मागों में शामिल है। इस रूट से माल परिवहन के साथ यात्री ट्रेनों का संचालन होता है। ऐसे में ट्रैक्शन सिस्टम की क्षमता बढ़ने से भारी माल ढुलाई, बढ़े हुए रेल ट्रैफिक और इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन के लिए आधारभूत ढांचा मजबूत होगा। मुख्य फोकस ट्रैक्शन पावर क्षमता बढ़ाकर भारी लोड और अधिक रेल ट्रैफिक को संभालने की क्षमता विकसित करना है।

