हरियाणा में मॉनसून की धीमी रफ्तार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक हरियाणा में आज से मानसून की सक्रियता कम होने की संभावना जताई गई है।
हालांकि, 12 सितंबर तक मौसम में निरंतर बदलाव देखने को मिलता रहेगा और इस दौरान पश्चिमी हवाएं चलने से तापमान में और ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज होगी जिससे कहीं-कहीं गरज और चमक के साथ सिर्फ छिट-पुट बारिश की संभावना है।
इस वजह से कमजोर पड़ा मानसून
कृषि मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि मानसूनी टर्फ रेखा की उत्तरी सीमा इस समय श्री गंगानगर, नारनौल, देहरी, पुरुलिया, दीघा से होती हुई उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इसके साथ ही एक कम दबाव का क्षेत्र उत्तर प्रदेश के ऊपर बना हुआ है, जिसके कारण हरियाणा में मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं और इसी वजह से इस मानसून सीजन बारिश कम हुई है।
सबसे गर्म रहा यह जिला
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में प्रदेश के औसतन अधिकतम तापमान में 2.7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान हिसार में 38.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है जो सामान्य से 2.6 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। वहीं, भिवानी का 36.5 डिग्री, चरखी दादरी में 36.3 डिग्री, सिरसा में 35.9 डिग्री और फरीदाबाद व पलवल में 35.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है। प्रदेश के पश्चिमी जिलों भिवानी, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा और जींद में अभी तक औसतन सामान्य से भी कम बारिश हुई है। जिससे फसलों में सुखे जैसी स्थिति पैदा हो गई है।

