वॉयस ऑफ पानीपत ( श्रद्धा गुप्ता ) – माता पिता से ज़्यादा वो बच्चे बदकिस्मत हैं जो जीते जी अपने माता पिता की सेवा ना कर पाए । सोनीपत की एक एसी घटना जिसने सारी भावनाओं और रिश्तों का अंत कर दिया । 4 अगस्त को सोनीपत के एक वृद्धाश्रम में 74 साल के तीन बेटियों के पिता की बिमारी के चलते मृत्यु हो गइ । औऱ पिता को आग देने एक भी बेटी मौके पर नही पहुंची थी । वृद्धाश्रम वालों ने ही मृतक शिवचरण रामरत्न गुप्ता का अंतिमसंस्कार कर दिया था । बेटियों के कहने पर आश्रम वालों ने वीडीयो कॉल पर पिता की अंतिम क्रियाओं को दिखाया था जिसके बाद ये खबर औऱ वीडीयो का सक्रीनशोट तेजी से वायरल हो गया ।
समय नही है औऱ आने जाने में भी वक्त ज़ाया होता है ये कर कर नही आयी थी एक भी बेटी वहीं आज पिता की अस्थियों को गंगा जी में प्रवाहित करने के लिए मथूरा से मृतक के भाई और भतीजा आए लेकिन बेटियां आज भी मौजूद नही थी । हैरानी की बात तो ये है भाई को लगता ता कि मृतक शिवचरण रामरत्न गुप्ता कुछ साल पहले ही नेपाल में हुए हादसे में चल बसे । उन्हें इस वीडीयों के वायरल होने से पता चला कि इनका मानना गलत था ।
TEAM VOICE OF PANIPAT

