Haryana Property News : हरियाणा में जमीन को लेकर पारदर्शिता लेने के लिए सरकार द्वारा आधुनिक तकनीकी का प्रयोग किया जा रहा है, ताकि गली-गली घूमकर किए गए सर्वे का आसमान से नापी गई जमीन के साथ मिलान हो सके। अक्सर देखा जा रहा है कि जहां पर आलीसान भवन बने हुए है, लेकिन सरकार के रिकार्ड में आज भी उनको खाली दर्शाया जा रहा है।
ऐसे में सरकार को प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये के राजस्व को चूना लग रहा है। इसी के चलते हरियाणा के हिसार शहर में नगर निगम ने आसमान से पूरे शहर को नापने की योजना बनाई है। नगर निगम ने शहर की संपत्तियों के वास्तविक स्वरूप की पड़ताल के लिए जीआइएस जियोग्राफिक इंफार्मेशन सिस्टम) आधारित सर्वे शुरू किया है।
इसके जरिए निगम की नजर उन 40,574 संपत्तियों पर है, जो उसके रिकार्ड में खाली प्लाट के रूप में दर्ज हैं। अब सेटेलाइट से प्राप्त तस्वीरों और डिजिटल मैपिंग के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि इनमें से कितने प्लाट आज भी खाली हैं और कितनों पर समय के साथ इमारतें खड़ी हो चुकी है।
अभी तक खाली प्लाटों और निर्माणाधीन भवनों की स्थिति जानने के लिए जमीनी स्तर पर सर्वे किया जाता था। कर्मचारी मौके पर जाकर संपत्ति की स्थिति दर्ज करते थे। अब जीआइएस तकनीक इस पड़ताल को नई दिशा देगी। निगम अधिकारियों को उम्मीद है कि इससे प्रापर्टी रिकार्ड और जमीन पर मौजूद वास्तविक स्थिति के बीच का अंतर अधिक स्पष्टता से सामने आएगी।
हिसार में रिकार्ड में 26 प्रतिशत खाली प्लाट बता रहे
नगर निगम के रिकार्ड में शहर में कुल 1,56, 134 सपत्तिया दर्ज है। इनमें 40,574 खाली प्लाट है। यानी कुल संपत्तियों में करीब 26 प्रतिशत संपतिया खाली प्लाट के रूप में दर्ज है। निगम स्टाफ के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इनमें करीब 5 से 10 प्रतिशत प्लाट ऐसे हो सकते है, जिन पर अब निर्माण हो चुका है।
जमीनी सर्वे के दौरान कई बार ऐसी संपत्तियों की वास्तविक स्थिति तक पहुंचना मुश्किल होता है। वहीं सैटेलाइट आधारित तस्वीरी में किसे संपत्ति के स्वरूप में आया बदलाव आसानी से चिह्नित किया जा सकता है। इसी कारण निगम प्रशासन अब तकनीक के सहारे रिकार्ड को जमीन की हकीकत से मिलाने में जुट गया है। सर्वे को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए नगर निगम ने पांच सदस्यीय टीम गठित की है।
हिसार के नगर आयुक्त सी. जया श्रद्धा ने बताया कि माध्यम से सर्वे करवाया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि निगम के रिकार्ड में जी संपत्तियां खाली प्लाट के रूप में दर्ज है, है वास्तव में खाली है या उनमें से कुछ पर भवनों का निर्माण हो चुका है। सर्वे के लिए पांच कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है और काम शुरू कर दिया गया है।

