कल यानि 12 अगस्त को साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण लगने वाला है। यह पूर्ण सूर्यग्रहण होगा। कल 12 अगस्त 2026 को श्रावण महीने की हरियाली अमावस्या भी है। ऐसे में ज्योतिषीय दृष्टि से ये भी ये सूर्य ग्रहण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत के समय के अनुसार यह सूर्यग्रहण 12 अगस्त को रात 9 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगा और 13 अगस्त की देर रात 1 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। रात के 11 बजकर 17 मिनट पर ग्रहण अपने पीक पर होगा। ग्रहण की अवधि 4 घंटे 31 मिनट की होगी।
कहां- कहां दिखेगा सूर्य ग्रहण ?
खगोलीय गणना के अनुसार ये सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। 12 अगस्त को लगने वाला यह सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से उत्तरी गोलार्ध के ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, रूस और अटलांटिक महासागर के कुछ हिस्सों में पूर्ण रूप से दिखाई देगा। वहीं यूरोप के अधिकांश देशों, उत्तरी अमेरिका और अफ्रीका के उत्तर- पश्चिमी भागों में ये सूर्य ग्रहण आंशिक रूप से नजर आएगा।
क्या भारत में लगेगा सूतक काल ?
ज्योतिषीय और खगोलीय गणनाओं के अनुसार 12 -13 अगस्त को लगने वाले ये सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण शुरू होने से 12 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है। सूतक काल के नियम केवल वहीं लागू होते है, जहां ग्रहण प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देता है। चूकिं यह ग्रहण भारत के समय के अनुसार रात में लगेगा तो इसलिए भारत में इसे नहीं देखा जा सकेगा। इसी वजह से भारत में सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।

