Haryana News: हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में अब कचरा फैलाने, कचरा जलाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कैमरों के जरिए निगरानी रखी जाएगी। केंद्र सरकार की अर्बन चैलेंज फंड योजना के तहत प्रदेश के सभी नगर निकाय क्षेत्रों में हाईपावर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की योजना है। इसके साथ ही प्रमुख चौक-चौराहों पर ट्रैफिक लाइट की व्यवस्था भी की जाएगी।
कैमरों की निगरानी वाले क्षेत्रों में यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर कचरा फेंकता, कचरा जलाता या प्रतिबंधित श्रेणी की पॉलिथीन का इस्तेमाल करता पाया गया तो संबंधित नगर निकाय की ओर से उसके खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस चालान की कार्रवाई करेगी। इन चालानों से प्राप्त राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा संबंधित नगर निकायों को दिए जाने का प्रावधान है।
सभी नगर निकायों में बनेंगे कमांड कंट्रोल सेंटर
स्वच्छता, सुरक्षा और नगर निकायों के राजस्व में बढ़ोतरी के उद्देश्य से प्रदेश के सभी नगर निकाय क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) स्थापित किए जाएंगे। इसकी शुरुआत हिसार से होने की योजना है। हिसार में करीब डेढ़ से दो वर्ष के भीतर कमांड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके लिए नया भवन तैयार करने के साथ आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति भी की जाएगी। सेंटर का संचालन पुलिस के सहयोग से किया जाएगा, जिससे शहर में सुरक्षा, यातायात और स्वच्छता संबंधी गतिविधियों की निगरानी को एकीकृत किया जा सकेगा।
रखरखाव पर हर साल खर्च होगा 10 प्रतिशत बजट
योजना के तहत शहरों में स्थापित किए जाने वाले कमांड कंट्रोल सेंटर की कुल परियोजना लागत का करीब 10 प्रतिशत बजट हर वर्ष कैमरों और ट्रैफिक लाइट जैसी व्यवस्थाओं के रखरखाव पर खर्च किया जाएगा।
हिसार में इस योजना पर करीब 170 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस हिसाब से हर साल लगभग 17 करोड़ रुपये कैमरों और ट्रैफिक लाइट के रखरखाव पर खर्च किए जा सकेंगे। संबंधित परियोजनाओं के प्रस्ताव स्थानीय निकायों के अधिकारी तैयार करेंगे।
प्रदेश में 87 नगर निकाय
हरियाणा में कुल 87 नगर निकाय हैं। इनमें 11 नगर निगम, 25 नगर परिषद और 51 नगर पालिकाएं शामिल हैं। योजना को इन सभी निकाय क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
केंद्र और राज्य देंगे 25-25 प्रतिशत राशि
हरियाणा स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के निदेशक शाश्वत सांगवान के अनुसार, अर्बन चैलेंज फंड के तहत परियोजना के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से 25-25 प्रतिशत बजट उपलब्ध कराया जाएगा। शेष 50 प्रतिशत राशि नगर निकायों को जुटानी होगी।
नगर निकायों को इस योजना के तहत निवेश करने के साथ-साथ अपने राजस्व में बढ़ोतरी करने पर भी जोर देना होगा। कैमरों और कमांड कंट्रोल सेंटर के जरिए नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई से भी निकायों की आय बढ़ने की उम्मीद है।
पार्किंग से लेकर जल प्रबंधन तक सुविधाएं विकसित होंगी
अर्बन चैलेंज फंड योजना के तहत केवल निगरानी और यातायात व्यवस्था ही नहीं, बल्कि शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा। बाजारों के आसपास मल्टीलेवल पार्किंग, जल निकासी व्यवस्था के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और पेयजल आपूर्ति के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

