Jind News: जींद जिले में हेल्थ विभाग अब सख्त मोड में आ गया है। ड्यूटी के दौरान ढिलाई बरतने वाली एएननएम, आशा वर्कर और आंगनवाड़ी वर्कर्स पर सख्त कार्रवाई करने के आदेश जारी किए गए हैं। जिले में लगातार गिर रहे लिंगानुपात को लेकर एडीसी प्रदीप कौशिक की अध्यक्षता में लघु सचिवालय सभागार में जिला टास्क फोर्स (PC-PNDT) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में गिरते आंकड़ों पर गहन चिंता जताई गई।
कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए कड़े आदेश हुए जारी
कन्या भ्रूण हत्या रोकने और निगरानी तंत्र को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड तथा एमटीपी प्रक्रियाओं के लिए आरसीएच आईडी और आभा आईडी को अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही कार्यों में ढिलाई बरतने वाली एएनएम, आशा वर्कर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में अवैध लिंग जांच रोकने के लिए 13 विशेष निरीक्षण टीमों का गठन किया गया है, जो पंजीकृत 43 अल्ट्रासाउंड केंद्रों का शत-प्रतिशत निरीक्षण करेंगी। जिले में अब तक 65 स्थानों पर छापेमारी (36 पीएनडीटी व 29 एमटीपी) की जा चुकी है, जबकि अदालत में 18 मामले लंबित हैं। एडीसी ने सभी विभागों को आपसी तालमेल से काम करने के निर्देश दिए। बैठक में बेटियों के जन्मोत्सव पर प्रोत्साहन राशि देने वाले गांव जीतगढ़, लखमीरवाला और रोहड़ के सरपंचों की सराहना की गई और इस मॉडल को पूरे जिले में लागू करने का सुझाव दिया गया। (Jind News)

