September 22, 2026
Voice Of Panipat
Latest News

Delhi-Lucknow Highway: कांवड़ यात्रा के चलते दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर बदला रूट, 13 अगस्त तक इन रास्तों से गुजरेंगे वाहन

Delhi-Lucknow Highway: श्रावण मास में कांवड़ यात्रा को लेकर हरिद्वार, गोमुख और तीर्थनगरी ब्रजघाट से कांवड़ उठाने वाले शिवभक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शिवभक्त कांवड़ लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना होने लगे हैं। कांवड़ियों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर रूट डायवर्जन लागू कर दिया है।

शुक्रवार सुबह 8 बजे से 13 अगस्त की शाम 8 बजे तक सिंभावली से ब्रजघाट के बीच दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर सामान्य वाहनों का आवागमन प्रभावित रहेगा। इस दौरान मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली और हापुड़ से अमरोहा, मुरादाबाद, बरेली समेत गंगा पार के जिलों की ओर जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से गुजारा जाएगा।

गंगा एक्सप्रेसवे से गुजरेंगे अधिकांश वाहन

रूट डायवर्जन के दौरान मेरठ की ओर से आने वाले वाहनों को बिजौली के रास्ते गंगा एक्सप्रेसवे पर चढ़ाया जाएगा। वहीं गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली और हापुड़ से गंगा पार के जिलों की ओर जाने वाले वाहनों को सिंभावली के सिखेड़ा स्थित गंगा एक्सप्रेसवे इंटरचेंज से गुजारा जाएगा।

बुलंदशहर की ओर से आने वाले वाहनों के लिए बहादुरगढ़ के सदरपुर स्थित गंगा एक्सप्रेसवे इंटरचेंज का इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि, दोपहिया वाहनों और कांवड़ लेकर चल रहे शिवभक्तों के छोटे वाहनों के लिए अलग व्यवस्था रहेगी।

हर मिनट गुजरते हैं 60 से ज्यादा वाहन

दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर सामान्य दिनों में प्रति मिनट करीब 60 से 65 छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। रूट डायवर्जन के कारण इनमें से अधिकांश वाहनों को अब गंगा एक्सप्रेसवे के रास्ते भेजा जाएगा।

गंगा एक्सप्रेसवे से यात्रा करने पर पुराने दिल्ली-लखनऊ हाईवे के मुकाबले समय भी कम लगेगा। पुराने मार्ग से गंगा पार गजरौला पहुंचने में करीब 50 से 60 मिनट लगते हैं, जबकि गंगा एक्सप्रेसवे से यह दूरी लगभग 30 से 40 मिनट में पूरी हो सकती है।

पुलिस ने हाईवे के ओवरब्रिज और कटों पर बैरिकेडिंग भी की है, ताकि डायवर्जन के दौरान वाहन गलत दिशा में प्रवेश न कर सकें।

शिवरात्रि और अमावस्या को लेकर भी बढ़ी सतर्कता

कांवड़ यात्रा के साथ इस अवधि में शिवरात्रि और अमावस्या का पर्व भी पड़ रहा है। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। हाईवे के प्रमुख एंट्री प्वाइंट पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और सभी कर्मियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

रूट डायवर्जन से स्थानीय कारोबार पर असर की आशंका

दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर वाहनों की आवाजाही कम होने से गढ़मुक्तेश्वर और ब्रजघाट के स्थानीय कारोबारियों को भी नुकसान की आशंका है। मेरठ और हापुड़ की ओर से आने वाले वाहनों के यहां नहीं रुकने से होटल, ढाबे, पेट्रोल पंप, सीएनजी स्टेशन और मूढ़ा उद्योग से जुड़े कारोबार प्रभावित हो सकते हैं।

सिंभावली के सिखेड़ा स्थित गंगा एक्सप्रेसवे इंटरचेंज से ब्रजघाट तक 110 से अधिक होटल और ढाबे, तीन सीएनजी पंप और आठ से अधिक पेट्रोल पंप संचालित हैं। इसके अलावा करीब 300 से अधिक मूढ़े और टायर-पंचर की दुकानें भी हाईवे पर निर्भर हैं।

रूट डायवर्जन के कारण ब्रजघाट टोल की आय में भी बड़ी कमी आने की संभावना है। अनुमान के मुताबिक टोल को प्रतिदिन करीब 50 से 55 लाख रुपये का नुकसान हो सकता है, जबकि गंगा एक्सप्रेसवे के टोल की आय में कई गुना बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

पुलिस ने सभी एंट्री प्वाइंट पर बढ़ाई निगरानी

गढ़मुक्तेश्वर के पुलिस क्षेत्राधिकारी राहुल यादव ने बताया कि कांवड़ यात्रा को देखते हुए शुक्रवार सुबह 8 बजे से 13 अगस्त की शाम 8 बजे तक रूट डायवर्जन लागू किया गया है। सभी प्रमुख एंट्री प्वाइंट पर पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया है और उन्हें पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

Related posts

HARYANA में पुराने वाहनों की होगी स्क्रैपिंग व रि-साइक्लिंग

Voice of Panipat

HARYANA में CM सैनी ने लोगों को दी बड़ी सौगात, अब बस में 1 हजार किलोमीटर फ्री कर सकेंगे सफर

Voice of Panipat

आर्मी की वर्दी पहनकर करता था तस्करी, ऐसे खुला राज

Voice of Panipat