मौलिक शिक्षा निदेशालय की तरफ से जारी किए गए नए आदेश के बाद प्रदेशभर के हजारों जेबीटी शिक्षकों के सपनों पर पानी फेर दिया है। इसका सबसे ज्यादा असर सीनियर जेबीटी टीचर पर पड़ा है, वहीं जूनियर टीचर को जल्द ही पदोन्नति होने का मौका मिलेगा। सरकारी स्कूलों में सालों से पदोन्नति का इंतजार कर रहे जेबीटी और सीएंडवी कैडर के शिक्षकों की उम्मीदों पर मौलिक शिक्षा निदेशालय के एक नए फरमान ने पानी फेर दिया है।
निदेशालय ने टीजीटी पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया तो शुरू कर दी है, लेकिन इसमें टेट (एचटीईटी) की शर्त अनिवार्य कर दी है। इस नए बदलाव से पूरे प्रदेश के वरिष्ठ शिक्षकों में भारी रोष व्याप्त हो गया है और शिक्षक संगठनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
इस निदेशालय के अव्यवहारिक फैसले का सबसे बड़ा झटका रेवाड़ी जिले के लगभग 500 सीनियर जेबीटी शिक्षकों को लगा है। ये वे शिक्षक हैं, जो सालों से सेवा दे रहे हैं, लेकिन उनके पास टेट प्रमाण पत्र नहीं है। अचानक टेट अनिवार्य किए जाने से ये वरिष्ठ शिक्षक प्रमोशन की दौड़ से सीधे बाहर हो गए हैं। शिक्षकों का कहना है कि, जब उनकी भर्ती के समय यह शर्त नहीं थी, तो अब पदोन्नति के समय इसे जबरन थोपना सरासर अन्याय है।
30 सितंबर का अल्टीमेटम, फॉरगो के लिए देना होगा एफिडेविट
निदेशालय ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को 30 सितंबर तक सभी केस बाई-हैंड (मैनुअली) भिजवाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, जो शिक्षक इस शर्त के कारण या अपनी इच्छा से पदोन्नति नहीं ले पा रहे हैं, उनसे लिखित सहमति और एफिडेविट (शपथ पत्र) लेकर फॉरगो केस भेजने के आदेश दिए गए हैं। इस फरमान के बाद से ही डीईईओ कार्यालय और स्कूल परिसरों में अफरा-तफरी का माहौल है।
निर्देशों के तहत ही भेजी जाएगी रिपोर्ट : डीईईओ
रेवाड़ी के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रदीप दहिया ने बताया कि निदेशालय से प्राप्त आदेशों और नियमों का पालन करना हमारी प्रशासनिक जिम्मेदारी है। जिले के जो भी शिक्षक निर्धारित शर्तों पूरा करते उनके मामले तैयार कराकर 30 सितंबर की समय-सीमा से पहले बाई-हैंड और ईमेल के जरिए निदेशालय भिजवा दिए जाएंगे।
पुराने नियमों पर ही मिले प्रमोशन, वरना करेंगे बड़ा आंदोलन
हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन राज्य उप प्रधान धर्मेंद्र यादव ने कहा कि शिक्षकों की पदोन्नति उन्हीं सेवा नियमों के आधार पर होनी चाहिए, जिन नियमों के तहत उनकी भर्ती हुई थी। सरकार आए दिन नए-नए प्रयोग करके शिक्षकों के अधिकारों को छीनने का काम कर रही है। बिना टेट पास वरिष्ठ शिक्षकों के हकों पर यह किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राइमरी टीचर एसोसिएशन ने आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। अगर सरकार ने शर्त को तुरंत वापस नहीं लिया, तो एसोसिएशन आंदोलन करेगी।

