वॉयस ऑफ पानीपत ( मोनी कुमारी ) – यमुनानगर से एक खबर सामने आ रही है जिसमें बताया जा रहा है की 102 साल की एक बुजुर्ग दादी की इच्छा थी कि वो हरिदूार जाकर गंगा स्नान और दर्शन करें लेकिन दादी की उम्र की वजह से वह चल-फिर नही सकती थी।जिसमें बताया जा रहा है की वो पजांब के पटियाला गांव की रहने वाली है। सावन के पावन महीने में जहां हजारों शिवभक्त कांवड़ ले जा रहे थे। वही एक अनोखी बात सामने आई है। जिसमें 102 साल की दादी की हरिदूार यात्रा पोता-दोहता बने श्रवण कुमार ,पालकी में बैठाकर कराए दर्शन। पोता-दोहता दोनों ने श्रद्धा भाव से हरिदूार पहुंचाया और साथ में उसकी मां सीमरन भी आई थी दर्शन करने के लिए। बताया जा रहा है कि पोता-दोहता ने अपनी दादी को स्नान के साथ में दर्शन भी करवाए। इसके बाद परिवार वाले गगंजल लेकर घर वापस लौट रहे थे।

पोता दोहता ने पालकी में बिठाई 102 साल की दादी
पोते सिमरन ने बताया कि उनके पिता चाहते थे कि जैसे पौराणिक कथा में श्रवण कुमार ने अपने माता-पिता को तीर्थ यात्रा कराई थी, वैसे ही उनकी मां यानी दादी को भी सम्मान के साथ हरिद्वार ले जाया जाए। परिवार ने इसी संकल्प को पूरा करने के लिए तुरतं यात्रा शुरू की। साथ ही 17 साल का दोहता विराट भी शामिल हुआ। जिसने पूरे रास्ते दादी की सेवा करते और पालकी उठाने में शामिल हुआ। 102 वर्षीय सुनहरी देवी भावुक होकर कहा कि मौने कभी नही सोचा था कि इस उम्र में दर्शन हो पायेगी। और आपनों बच्चों पर गर्व महसूस कर रही थी। साथ ही उन्होंने अपने पिता की भी इच्छा पूरा कि उन्होंने बताया की यात्रा काफी आरामदायक रही और साथ ही पालकी के जगह-जगह पर रोका भी जाता था । रास्ते में अनोखी कांवड़ देखकर लोग मिसाल देने लगे और साथ में श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत भी किया।
TEAM VOICE OF PANIPAT

