वॉयस ऑफ पानीपत ( हिमांशी चावला ) – पानीपत सेक्टर-29 थाना क्षेत्र में कबूतरबाजी, मानव तस्करी और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। अमेरिका में पढ़ाई के लिए स्टडी वीजा का झांसा देकर ट्रैवल एजेंटों ने एक परिवार से 35 लाख रुपए में सौदा किया। आरोप है कि युवक को स्टडी वीजा पर भेजने के बजाय डंकी रूट से ब्राजील, बोलीविया, पेरू, इक्वाडोर, कोलंबिया और मेक्सिको के रास्ते अमेरिका पहुंचाया गया। रास्ते में उसके साथ मारपीट की गई, उसे खाना-पानी नहीं दिया गया और उसके डॉलर भी छीन लिए गए। अमेरिका पहुंचने पर उसे डिटेंशन कैंप में भेज दिया गया। बाद में परिजनों ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे भारत वापस बुलाया। SP कार्यालय की जांच के बाद सेक्टर-29 थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

सेक्टर 29 थाना पुलिस में केस दर्ज
गैलेक्सी टावर में मिला था ट्रैवल एजेंट
विकास नगर निवासी संजीव कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका भतीजा विशाल पढ़ाई के लिए अमेरिका जाना चाहता था। उनकी कॉलोनी में रहने वाले रोबिन ने उन्हें जीटी रोड स्थित गैलेक्सी टावर स्थित अपने कार्यालय बुलाया। वहां रोबिन ने उनकी मुलाकात गांव मोरखी (जिला जींद) निवासी सोनू और बिल्लू से कराई। तीनों ने विशाल को स्टडी वीजा पर अमेरिका भेजने और वहां काम दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद 35 लाख रुपए में सौदा तय हो गया।
अमेरिका की जगह ब्राजील भेजा
23 जुलाई 2024 को आरोपियों ने विशाल के दस्तावेज ले लिए। 14 अगस्त 2024 को उसे दिल्ली से रवाना किया गया, लेकिन अमेरिका भेजने के बजाय ब्राजील पहुंचा दिया गया। वहां से विशाल ने परिजनों को फोन कर बताया कि उसे बंधक बनाकर रखा गया है। इसके बाद आरोपियों ने और पैसे मांगे। संजीव कुमार ने रिश्तेदारों से पैसे जुटाकर 16 अगस्त 2024 को रोबिन के घर पर सोनू और बिल्लू को 21 लाख रुपए दिए।
जंगलों के रास्ते पहुंचाया
आरोप है कि इसके बाद आरोपी अपने साथी आशीष निवासी गांव पोपड़ा, असंध (करनाल) की मदद से विशाल को बोलीविया, पेरू, इक्वाडोर और कोलंबिया के जंगलों के रास्ते पैदल ले गए। इस दौरान उसके डॉलर छीन लिए गए, खाना-पानी नहीं दिया गया और मारपीट की गई। विरोध करने पर आरोपियों ने परिजनों को विशाल को जान से मरवाने की धमकी दी।
अमेरिका में डिटेंशन कैंप भेजा गया
आरोप है कि 23 दिसंबर 2024 को विशाल को अवैध तरीके से अमेरिका की सीमा में दाखिल कराया गया, जहां अमेरिकी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर डिटेंशन कैंप भेज दिया। वहां से फोन आने के बाद परिजनों ने अमेरिका में वकील किया। जुर्माने और कानूनी प्रक्रिया पर करीब 18 लाख रुपए खर्च करने के बाद 26 फरवरी 2026 को विशाल भारत लौट आया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
SP कार्यालय में जांच के बाद सेक्टर-29 थाना पुलिस ने रोबिन, सोनू, बिल्लू, आशीष और अन्य आरोपियों के खिलाफ कबूतरबाजी, मानव तस्करी और धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
TEAM VOICE OF PANIPAT

