वॉयस ऑफ पानीपत (आयुषी त्यागी) – दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) समेत देशभर के छात्रों द्वारा शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन आखिरकार सफल रहा। 36 दिनों तक लगातार चले आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। छात्रों की प्रमुख मांगों में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल था। आंदोलनकारियों ने इसे छात्रों की एक बड़ी जीत बताया है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के इतिहास में यह बेहद दुर्लभ अवसर है, जब किसी बड़े जनआंदोलन और युवाओं के लगातार दबाव के बाद पार्टी के एक प्रमुख केंद्रीय मंत्री को अपना पद छोड़ना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और जवाबदेही की मांग लगातार उठाई थी।
धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना इस्तीफा साझा करते हुए लिखा कि वह देश के युवाओं की आकांक्षाओं और भावनाओं का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर और देशभर में बने हालात का कोई देश-विरोधी ताकत फायदा न उठा सके, इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
TEAM VOICE OF PANIPAT

