September 1, 2026
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भारत में जल्द आ सकते हैं प्लास्टिक के नोट.. 10 और 20 रुपये से शुरू हो सकता है ट्रायल!

वॉयस ऑफ पानीपत (तमन्ना गोयल) – भारत में जल्द ही प्लास्टिक यानी पॉलिमर नोटों की शुरुआत हो सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक ने इस दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए पॉलिमर सब्सट्रेट शीट की सप्लाई के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया है जिसका इस्तेमाल नए पॉलिमर नोट बनाने में किया जाता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुरुआती ट्रायल 10 रुपये और 20 रुपये के नोटों से शुरू किया जा सकता है। इससे पहले भी आरबीआई ने देश में चलने वाले नोटों की क्वालिटी सुधारने और लाइफ बढ़ाने के लिए पॉलिमर नोट लाने की इच्छा जताई थी। इन नए नोटों के ट्रायल के नतीजों और अनुभवों के आधार पर अगर यह प्रोजेक्ट सफल रहता है तो वर्ष 2027 से आरबीआई देश में इन पॉलिमर नोटों को फुल स्केल लॉन्च कर सकती है।

भारत में जल्द प्लास्टिक नोट

पुराने नोट नहीं होंगे बंद :-
पॉलिमर नोट आने के बाद भी मौजूदा कागजी नोट तुरंत बंद नहीं होंगे। दोनों तरह के नोट कुछ समय तक साथ चलन में रहेंगे और नए नोटों को धीरे धीरे मार्केट में लाया जाएगा ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। आरबीआई ने स्पष्टीकरण दिया है कि नई करेंसी पुराने नोटों की जगह नहीं लेगी। साथ ही जब तक नए नोट पूरी तरह से स्थापित नहीं हो जाते तब तक कागजी नोट सर्कुलेशन में बने रहेंगे।

आरबीआई की नोट प्रिंटिंग यूनिट ने एडवांस सेफ्टी फीचर से लैस पॉलिमर सब्सट्रेट शीट की सप्लाई के लिए दुनियाभर के मैन्युफैक्चरर्स को इनवाइट किया है। इस शीट पर प्लास्टिक के नोट छापे जाते हैं। टेंडर में आवेदन करने की अंतिम तारीख 18 अगस्त तय की गई है।

क्या है पॉलिमर नोट और इसके फायदे :-
दरअसल पॉलिमर नोट कागज के बजाय प्लास्टिक मटेरियल के बने होते हैं। ये एक खास तरह की प्लास्टिक सब्सट्रेट शीट पर छापे जाते हैं। ये छूने में सामान्य कागजी नोट जैसे ही होते हैं परंतु पॉलिमर नोट सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक मजबूत और टिकाऊ होते हैं। ये आसानी से फटते नहीं हैं और पानी, धूल तथा गंदगी से भी कम प्रभावित होते हैं। इसके अलावा इनमें आधुनिक सुरक्षा फीचर जोड़ना आसान होता है जिससे नकली नोट बनाना मुश्किल हो जाता है जिससे देश का सेफ्टी सिस्टम मजबूत होने में मदद मिलेगी। हालांकि ये प्लास्टिक हैं लेकिन इन्हें पूरी तरह से रीसायकल करके दूसरे प्लास्टिक प्रोडक्ट्स बनाए जा सकते हैं। ये थोड़े कड़े होते हैं, वॉलेट में रखने या मोड़ने पर ये अपनी मूल स्थिति में वापस आ जाते हैं।

ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम और न्यूजीलैंड जैसे कई देशों में पॉलिमर नोट पहले से इस्तेमाल किए जा रहे हैं। भारत में भी इन नोटों पर लंबे समय से चर्चा चल रही थी और अब इसे लेकर तैयारियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। फिलहाल, पॉलिमर नोटों की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के नतीजों और आरबीआई के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगी। आधिकारिक घोषणा होने के बाद ही देशभर में इन पॉलिमर नोटों के लागू होने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

TEAM VOICE OF PANIPAT

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