Gold Silver Price: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और भारत में फेस्टिव सीजन की दस्तक के बीच सोने और चांदी की कीमतों ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। बीते एक सप्ताह में सोने के दाम करीब 9,400 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि चांदी की कीमत 17,000 रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा बढ़ गई है। कीमतों में इस तेजी के बाद अब उन लोगों की चिंता बढ़ गई है, जो खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं।
सवाल यह है कि क्या मौजूदा ऊंचे स्तर पर सोना-चांदी खरीदना सही रहेगा या फिर कुछ समय इंतजार करना चाहिए? बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल दोनों कीमती धातुओं में तेजी का ट्रेंड मजबूत है, लेकिन मौजूदा स्तरों पर बाजार में तेज करेक्शन का जोखिम भी बना हुआ है। Gold Silver Price
MCX पर सोना 1.52 लाख के पार
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना 0.27 फीसदी यानी 417 रुपये की बढ़त के साथ 1,52,237 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। कारोबार के दौरान सोना 1,52,999 रुपये के ऊपरी स्तर तक पहुंचा, जबकि इसका निचला स्तर 1,51,461 रुपये रहा। Gold Silver Price
खास बात यह है कि 4 अगस्त को अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना करीब 1,43,559 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर खुला था। यानी एक सप्ताह के भीतर सोने की कीमत में करीब 9,000 रुपये से ज्यादा की तेजी आ चुकी है। Gold Silver Price
चांदी की कीमत भी 2.33 लाख के पार
चांदी ने इस दौरान सोने से भी तेज रफ्तार दिखाई है। MCX पर सितंबर डिलीवरी वाली चांदी 0.82 फीसदी यानी 1,899 रुपये की बढ़त के साथ 2,33,365 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। Gold Silver Price
4 अगस्त को चांदी करीब 2,18,143 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर थी। इस हिसाब से महज एक सप्ताह में चांदी की कीमत 17,000 रुपये से ज्यादा बढ़ चुकी है। Gold Silver Price
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी
कोटक सिक्योरिटीज की एवीपी (कमोडिटी रिसर्च) कायनात चैनवाला के मुताबिक सोने और चांदी में तेजी का सिलसिला जारी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 4,400 डॉलर प्रति औंस के ऊपर बना हुआ है, जबकि चांदी 64 डॉलर प्रति औंस से ऊपर कारोबार कर रही है। Gold Silver Price
उनके मुताबिक सोने में तेजी अमेरिकी जॉब्स रिपोर्ट से पहले ही शुरू हो गई थी। कम कच्चे तेल की कीमतों और कमजोर अमेरिकी डॉलर ने भी सोने को सपोर्ट दिया। इसके बाद जब अमेरिका के रोजगार आंकड़े उम्मीद से कमजोर आए तो सोने की कीमतों में और तेजी देखने को मिली। Gold Silver Price
सोना 4,421 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जो करीब सात सप्ताह का नया उच्च स्तर है। जनवरी के बाद यह सोने का सबसे मजबूत साप्ताहिक प्रदर्शन भी रहा। इस दौरान सोने ने 4,000 से 4,200 डॉलर की अपनी पिछली ट्रेडिंग रेंज को भी पार कर लिया।
चांदी में तेजी और भी ज्यादा रही
चांदी ने इस दौरान सोने के मुकाबले ज्यादा मजबूत प्रदर्शन किया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत कारोबार के दौरान 65 डॉलर प्रति औंस के पार चली गई। बाद में कुछ मुनाफावसूली जरूर हुई, लेकिन सप्ताह के आधार पर चांदी में दोहरे अंक की तेजी दर्ज की गई।
कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों का मिला फायदा
अमेरिका से आए रोजगार के आंकड़े बाजार की उम्मीदों के मुकाबले काफी कमजोर रहे। जुलाई में करीब 80,000 नई नौकरियां जुड़ने की उम्मीद थी, लेकिन आंकड़ों में इसके उलट 23,000 नौकरियों की कमी सामने आई। जून के आंकड़े को भी संशोधित करके महज 20,000 कर दिया गया।
कमजोर जॉब्स डेटा के बाद अमेरिकी डॉलर पर दबाव बढ़ा। डॉलर इंडेक्स 99.5 से नीचे आ गया, जबकि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में भी गिरावट देखने को मिली। ऐसे माहौल में निवेशकों का रुझान सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों की तरफ बढ़ा।
अब बाजार की नजर अमेरिकी महंगाई के अगले आंकड़ों पर है। सितंबर में ब्याज दरों को लेकर भी निवेशकों की उम्मीदों में बदलाव आया है।
CPI और PPI तय कर सकते हैं सोने की अगली चाल
विशेषज्ञों के मुताबिक अब सोने और चांदी की दिशा काफी हद तक अमेरिका के CPI और PPI आंकड़ों पर निर्भर करेगी। अगर महंगाई के आंकड़े कमजोर रहते हैं तो अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद मजबूत हो सकती है, जिससे सोने-चांदी को और सपोर्ट मिल सकता है।
वहीं, अगर महंगाई उम्मीद से ज्यादा बढ़ती है तो बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। ऐसी स्थिति में हाल की तेज तेजी के बाद सोने और चांदी की कीमतों में अचानक गिरावट भी आ सकती है।
अभी सोना-चांदी खरीदना सही है?
मौजूदा तेजी को देखते हुए एकमुश्त बड़ी खरीदारी करने में सावधानी बरतना जरूरी है। सोना और चांदी इस समय काफी ऊंचे स्तरों पर कारोबार कर रहे हैं और किसी भी नकारात्मक वैश्विक संकेत पर कीमतों में करेक्शन आ सकता है।
अगर खरीदारी निवेश के नजरिए से करनी है तो पूरी रकम एक साथ लगाने के बजाय थोड़ा-थोड़ा करके खरीदारी करना अपेक्षाकृत बेहतर रणनीति हो सकती है। वहीं, जिन लोगों को शादी, त्योहार या किसी जरूरी काम के लिए निकट भविष्य में सोना खरीदना है, वे बाजार में गिरावट आने पर खरीदारी का मौका तलाश सकते हैं।

