New Elevated Corridor : देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को नया एलिवेटेड कॉरिडोर की शुरुआत हो गई है। इस नया एलिवेटेड कॉरिडोर को शुरू होने के लिए लोगों को लगभग 11 साल का इंतजार करना पड़ा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बारापुला एलिवेटेड कॉरिडोर के फेज-3 का मंगलवार को उद्घाटन किया।
नया एलिवेटेड कॉरिडोर की शुरुआत के बाद पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार को सराय काले खां के रास्ते दक्षिण दिल्ली और AIIMS से सीधा कनेक्ट हो गया है। नया एलिवेटेड कॉरिडोर की खासियत है कि इसको पूरी तरह से सिग्नल फ्री बनाया गया है। इससे पहले नोयडा से AIIMS तथा दक्षिण दिल्ली आने के लिए लगभग 40 मिनट का समय लगता था, लेकिन अब यह सफर मात्र 15 मिनट का रह गया है और यह सफर लोगों का सिग्नल फ्री रहने वाला है।
सिग्नल फ्री कनेक्टिविटी
नया एलिवेटेड कॉरिडोर को बेहतर तरीके से डिजाइन किया गया है। बारापुला फ्लाईओवर से सराय काले खां को सीधा जोड़ता है। इसके माध्यम से पूर्वी दिल्ली से दक्षिण दिल्ली की तरफ जाने वाले वाहनों को ट्रैफिक सिग्नलों से बच जाएंगे और वाहन इस मार्ग से फर्राट भरते हुए अपने गतंव्य तक पहुंचेंगे।
प्रोजेक्ट की मुख्य एलिवेटेड स्ट्रेच करीब 3.5 किलोमीटर है। प्रोजेक्ट के डिजाइन डिटेल में मुख्य वायाडक्ट की लंबाई 4.9 किलोमीटर बताई गई है। नया एलिवेटेड कॉरिडोर के बनने से NH-24, DND फ्लाईवे और रिंग रोड पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। यह सराय काले खां के आसपास मौजूद रेलवे, ISBT, मेट्रो और दूसरे परिवहन साधनों से जुड़ी कनेक्टिविटी को भी बेहतर करेगा।
11 साल के बाद काम हुआ पूरा
नया एलिवेटेड कॉरिडोर बारापुला फेज-3 की परियोजना को केंद्र सरकार द्वारा दिसंबर 2014 में मंजूरी दी गई थी और इस पर काम वर्ष 2015 में शुरू हो गया था। उस समय नया एलिवेटेड कॉरिडोर के काम को पूरा करने का लक्ष्य 30 माह रखा गया था, लेकिन इसको पूरा होने में लगभग 11 साल लग गए।
इसके पीछे मुख्य कारण जमीन, पर्यावरण मंजूरी, पेड़ों से जुड़ी अनुमति, यमुना के बढ़े जलस्तर, तकनीकी दिक्कतों और दूसरे विवादों के कारण काम में लगातार देरी हुई। इसके अलावा इसका बजट में भी भारी भरकर बढोतरी हुई है। शुरुआत में इसका बजट 1,260.63 करोड़ रुपये मंजूर किया था, लेकिन बाद में इसको बढ़ाकर 1,635.03 करोड़ रुपये कर दिया था। ऐसे में नया एलिवेटेड कॉरिडोर देरी से भी बना और इस पर 374.40 करोड़ की बढ़ोतरी हुई।

