Ganesh Visarjan Ban : हरियाणा सहित देशभर मे गणेशउत्सव के कार्यक्रम चल रहे है और जगह-जगह भगवान गणेश की प्रतिमा को स्थापित किया गया है। गणेश विसर्जन की तिथि नजदीक आते ही हरियाणा में जिला स्तर पर प्रशासन सख्त हो गया है। गणेश विसर्जन को देखते हुए नहरों, नदियों व दूसरे जलाशयों में गणेश विसर्जन, पूजा सामग्री व स्नान करने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
इसकी कड़ी में रोहतक में जिला मजिस्ट्रेट सतबीर सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है।जिला मजिस्ट्रेट सतबीर सिंह (आईएएस) ने जनसुरक्षा, कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।
इस आदेश के तहत गणेश मूर्ति विसर्जन के अवसर पर 25 सितंबर को जिला की नहरों और नदियों में स्नान करने तथा धार्मिक सामग्री प्रवाहित करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश के अनुसार, रोहतक जिला के अधिकार क्षेत्र से गुजरने वाली जेएलएन नहर, वाईडब्ल्यूएस नहर अथवा किसी भी अन्य नदी, जलस्रोत में आमजन के स्नान करने, मूर्तियों के विसर्जन तथा हवन सामग्री आदि धार्मिक सामग्री डालने पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। मानव जीवन की सुरक्षा, दुर्घटनाओं की रोकथाम, संपत्ति के नुकसान से बचाव और जिले में शांति व सौहार्द बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
जिला मजिस्ट्रेट सतबीर सिंह द्वारा जारी आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित थाना प्रभारियों को प्रवर्तन अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिनके अधिकार क्षेत्र से ये नहरें गुजरती हैं। इसके साथ ही वाईडब्ल्यूएस सर्कल, रोहतक के संबंधित कार्यकारी अभियंताओं को आदेश की अनुपालना सुनिश्चित करने में पुलिस का सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेशों में स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति इस आदेश की अवहेलना करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 तथा अन्य सुसंगत कानूनों व नियमों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से शांति बनाए रखने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।

