Haryana News: हरियाणा में शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून के तहत सीटों की घोषणा और स्कूलों की मान्यता को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में RTE सीटों की घोषणा नहीं करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई है। विभागीय पत्रों के अनुसार, कुल 396 निजी स्कूलों के मामले कार्रवाई और सत्यापन के दायरे में आए हैं।
दो अलग-अलग विभागीय पत्रों में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, एक पत्र में 269 स्कूलों के मान्यता संबंधी दस्तावेज जिला स्तरीय कमेटी द्वारा रिजेक्ट किए जाने का उल्लेख है, जबकि दूसरे पत्र में 127 स्कूलों के दस्तावेज खारिज किए जाने की जानकारी दी गई है। Haryana News
RTE सीटों की घोषणा नहीं करना पड़ा भारी
मौलिक शिक्षा निदेशालय ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर रिजेक्ट किए गए स्कूलों की वास्तविक स्थिति दोबारा सत्यापित करने को कहा है। Haryana News
विभाग के अनुसार, सत्र 2026-27 में RTE के तहत मान्यता प्राप्त स्कूलों में पहली और उससे ऊपर की कक्षाओं में दाखिले की प्रक्रिया के दौरान RTE सीटों की घोषणा कराई गई थी। इसी प्रक्रिया के तहत जिला स्तरीय कमेटियों ने संबंधित स्कूलों के मान्यता दस्तावेजों की जांच की। Haryana News
जांच के दौरान RTE सीटों की घोषणा और मान्यता संबंधी शर्तों में कमियां पाए जाने पर कई स्कूलों के दस्तावेज स्वीकार नहीं किए गए।
396 स्कूलों के मामले से विभाग में हलचल
विभागीय पत्रों में सामने आए आंकड़ों ने शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है। पहले पत्र में 269 स्कूलों के दस्तावेज जिला स्तरीय कमेटी द्वारा रिजेक्ट किए जाने का उल्लेख है। इसके बाद संबंधित स्कूलों के MIS पोर्टल बंद किए गए थे। Haryana News
वहीं, दूसरे पत्र में 127 स्कूलों के दस्तावेज खारिज किए जाने की जानकारी दी गई है। इनमें कुछ स्कूल ऐसे भी बताए गए हैं, जिन्होंने जरूरी दस्तावेज पोर्टल पर अंतिम रूप से सबमिट नहीं किए थे। विभाग अब इन सभी मामलों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराने में जुटा है। Haryana News
11 अगस्त तक देनी होगी मान्यता की जानकारी
शिक्षा विभाग ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को 11 अगस्त तक रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को संबंधित स्कूलों से यह पुष्टि करवानी होगी कि उनके पास कक्षा पहली से पांचवीं तक की मान्यता है या नहीं। Haryana News
इसके अलावा ऐसे स्कूलों की अलग सूची भी तैयार करने को कहा गया है, जिनके पास छठी या उससे ऊपर की कक्षाएं संचालित करने की मान्यता है, लेकिन वे पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं संचालित नहीं कर रहे हैं। Haryana News
मान्यता है तो प्रमाण देना होगा
विभाग ने स्कूलों की जानकारी निर्धारित प्रोफार्मा में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसमें स्कूल का क्रमांक, नाम, पता, स्कूल कोड, मान्यता या अनापत्ति प्रमाण पत्र का स्तर, मान्यता स्थायी है या अस्थायी और मान्यता प्रमाण पत्र की प्रति सहित अन्य विवरण मांगे गए हैं। Haryana News
इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि कौन से निजी स्कूल वास्तव में पहली से पांचवीं कक्षा तक मान्यता प्राप्त हैं और कौन से स्कूल केवल उच्च कक्षाओं की मान्यता के आधार पर संचालित हो रहे हैं। Haryana News
दस्तावेज पूरे मिले तो खुल सकता है MIS पोर्टल
विभागीय निर्देशों के अनुसार, रिजेक्ट किए गए स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद उनके MIS पोर्टल दोबारा खोलने को लेकर निर्णय लिया जाएगा। जिन स्कूलों के पास निर्धारित मान्यता और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध पाए जाएंगे, उनके मामलों की दोबारा जांच की जाएगी। Haryana News
वहीं, दूसरे विभागीय पत्र में 35 स्कूलों द्वारा दस्तावेज पोर्टल पर फाइनल सबमिट नहीं किए जाने का भी उल्लेख है। इन स्कूलों की स्थिति की भी पुष्टि कराई जा रही है।

