HARYANA BUDHAPA PENSION SCHEME : हरियाणा में सरकार आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए कई योजनाएं चला रही है। वहीँ प्रदेश में बुढ़ापा पेंशन सब के लिए लागु है और प्रदेश की सबसे पुरानी योजनाओं में से एक योजना है।
लेकिन हरियाणा में एक 80 साल के बुजर्ग की चर्चा इस वक्त चरों तरफ हो रही है। क्योंकि वो इस योजना का लाभ नहीं लेना चाहते उन्होंने इसके पीछे की वजह भी बताई है।
20 लाख बुजर्गों के लिए बने मिसाल
उम्र के इस पड़ाव पर भी नरपत सिंह मेहनत को अपनी सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं। गांव बतौड़ के 80 वर्षीय किसान की इस सोच ने अपनी जिंदगी से अलग रखा है और हरियाणा के 20 लाख बुजुर्गों में एक मिसाल पेश की। यही वजह है की सरकार द्वारा मिलने वाली बुढ़ापा पेंशन के हकदार होने के बावजूद उन्होंने आज तक इसका लाभ नहीं लिया।
नरपत सिंह का कहना है कि जब तक शरीर साथ दे रहा है और वह मेहनत करके अपनी जरूरतें पूरी कर सकते हैं, तब तक उन्हें किसी सरकारी सहायता की जरूरत महसूस नहीं होती। उनके लिए अपनी मेहनत से कमाई गई रकम से जीवन चलाना आत्मसम्मान की बात है।
बता दे की आज के समय में जहां सामाजिक सुरक्षा योजनाएं जरूरतमंद बुजुर्गों के लिए महत्वपूर्ण सहारा हैं, वहीं नरपत सिंह ने अपनी व्यक्तिगत स्थिति को देखते हुए पेंशन का लाभ नहीं लेने का फैसला किया है।

