Stock market crash : भारतीय शेयर बाजार अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच में लगातार दबाव में चल रहा है और सितंबर माह में निचले स्तर को छू रहा है। सप्ताह के पहले दिन सोमवार को पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, क्रूड की कीमतों में उछाल, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और भारतीय रुपये के डालर के मुकाबले कमजोर होने के चलते भारी गिरावट देखने को मिली।
सोमवार को शेयर मार्केट खुलते ही सेंसेक्स व निफ्टी दबाव में दिखाई दी और निवेशों को एक के बाद एक झटका देते हुए नजर आई। निवेशकों को आज 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है। आपको बता दे कि गिरावट इतनी तेज थी कि सुबह मार्केट खुलने के कुछ ही समय के बाद निवेशकों के 6 लाख करोड़ रुपये का नुकसान का अनुमान है, लेकिन शाम को बंद होने तक यह नुकसान 8 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
30 शेयरों वाला इंडेक्स सेंसेक्स 1.52 फीसदी यानी कि 1124.02 अंक लुढ़ककर लाल निशान में 72,771.72 पर बंद हुआ। वहीं, 50 शेयरों वाला निफ्टी 1.56 फीसदी यानी कि 360.25 अंक गिरकर 22,780.25 पर बंद हुआ। आइए जानते हैं कि क्रैश हुए इस बाजार में टॉप गेनर्स और लूजर्स कौन रहे।
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के ये प्रमुख कारण बने
विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय शेयर मार्केट पर सबसे ज्यादा असर पश्चिम एशिया में बढ़ता संघर्ष को देखा जा रहा है। तनाव के चलते तेल की कीमतों में उछाल आ रहा है और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बड़ी तेजी है। भारतीय करेंसी में डालर के मुकाबले गिरावट का सिलसिला जारी है। मार्केट को दबाव में देखते हुए विदेशी निवेशक ने सोमवार को जमकर बिकवाली की।
8 लाख करोड़ रुपये का नुकसान
घरेलू शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दिखी है। आंकड़ों के अनुसार, आज मार्केट बंद के दौरान निवेशकों के करीब 8 लाख करोड़ रुपये स्वाहा यानी कि डूब गए हैं। स्टॉक एक्सचेंज BSE की आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, बीएसई में लिस्टेट कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 8 लाख करोड़ रुपया घट गया। यह अब गिरकर करीब 474 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

