HARYANA TREFFIC RULE CHANGED : हरियाणा में ट्रैफिक रूल तोड़ने वालों से अब सख्ती से निपटा जाएगा। क्योंकि इसके लिए ऐसी व्यवस्था बन गई है, जिसमें कार्रवाई पहले से सख्त तो होगी ही, साथ ही यह समयबद्ध भी हो जाएगी। इसके लिए हरियाणा पुलिस द्वारा नई तकनीक अपनाई जा रही है। नैक्स्ट जैन ई-चालान प्रणाली से यह पूरी प्रक्रिया ही बदल जाएगी।
यह व्यवस्था चालान कटने से लेकर इसके भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल करने वाली है। यानी मानव हस्तक्षेप पूरी तरह से बदं हो जाएगा। इससे जहां व्यवस्था में पारदर्शीता आएगी, वहीं पुलिस पर आरोप भी नहीं लग सकेंगे।
क्या है नैक्स्ट जैन ई-चालान प्रणाली
दरअसल हरियाणा पुलिस द्वारा वाहनों के चालान के लिए जो नई व्यवस्था लागू की जा रही है, उसको नैक्स्ट जैन ई-चालान प्रणाली के नाम से जाना जाता है। इसके तहत जब भी कोई वाहन चालक यातायात नियम का उल्लंघन करता है तो 3 दिन के अंदर ही उसको नोटिस चला जाएगा।
हालांकि वाहन चालक इसको चुनौती दे सकता है, लेकिन यह प्रक्रिया 45 दिन में करनी होगी। यदि इस निर्धारित समय अवधि में कोई कार्रवाई नहीं होती है तो चालान स्वीकार होने की श्रेणी में आ जाएगा। हालांकि समय से इसको चुनौती देने पर 30 दिन के भीतर इसका निस्तारण भी हो सकेगा। लोगों की सुविधा के लिए प्रदेश के सभी जिलों में एक- एक नोडल अधिकारी और दो शिकायत निवारण अधिकारियों की तैनाती की जा चुकी है।
50 प्रतिशत राशि भरनी होगी
हालांकि वाहन चालक द्वारा दी गई शिकायत पर सुनवाई होगी, लेकिन वाहन चालक इससे संतुष्ट नहीं होने पर इसको अदालत में चुनौती दे सकता है। इसके लिए यदि उसकी शिकायत खारिज होती है तो चालान राशि का 50 प्रतिशत जमा करवाना होगा। साथ ही यदि यह प्रक्रिया नहीं अपनाई जाती है तो 90 दिन में भुगतान किया जाना जरूरी है।
चालान लंबित तो होगी परेशानी
अब पहले की तरह सिस्टम नहीं चलेगा कि चालान यादि लंबित है तो वाहन और लाइसेंस पहले की तरह ही कार्य करते रहेंगे। क्योंकि इसको लेकर नियम बनाया गया है।
केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 167(12) के तहत यदि चालान लंबित है तो इसके निस्तारण तक उक्त वाहन और चालक के कार्यों रोक रहेगी। ऐसे वाहन को पोर्टल पर भी चिह्नित करने का प्रावधान है।
साथ ही नियम 167 (13) के अंतर्गत निर्धारित नियमों के अनुसार ऐसे वाहन को पुलिस हिरासत में ले सकती है। इसके लिए फिर से व्यक्ति को कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। ऐसे में यह प्रणाली काफी महत्वपूर्ण होने वाली है।

