आरबीआई द्वारा बढ़ाए गए रेपो रेट के बाद ही बैंकों ने असर दिखाना शुरू कर दिया। त्योहारी सीजन में बैंक से लोन लेने वाले लोगों को महंगाई की मार पड़ने वाली है। रेपो रेट बढ़ने के साथ ही बैंकों ने नए व पुराने लोनों की ब्याज दर को बढ़ा दिया है। ऐसे में अगले माह से बैंक लोन की ज्यादा किस्त का भुगतान करना पड़ेगा।
आरबीआई ने बुधवार को रेपो रेट बढ़ाने का फैसला किया था। जैसे ही आरबीआई रेपो रेट बढ़ाने की घोषणा की तो उसके साथ ही बैंक ऑफ इंडिया ने रेपो आधारित लेंडिंग रेट (आरबीएलआर) बढ़ा दिया है। उसने आरबीएलआर में 25 बेसिस प्वाइंट्स यानी एक-चौथाई फीसदी वृद्धि की है। अब यह 8.35 फीसदी हो गया है। बैंक आफ इंडिया की नई ब्याज दर की शुरुआत सात अक्टूबर से प्रभावी हो गई है। ऐसे में बैंक के इस फैसले से होम लोन, कार लोन और दूसरे लोन महंगे हो जाएंगे और इस बार की किस्त ज्यादा भुगतान करनी पड़ेगी।
RBI के फैसले के बाद बैंक ने बढ़ाया इंटरेस्ट रेट
आरबीआई द्वारा रेपो रेट बढ़ाने के बाद ही अनुमान लगाया जा रहा था कि बैंकों द्वारा ब्याज दर को बढ़ाा जाएगा। बैंक आफ इंडिया ने आरबीआई की घोषणा के तुरंत बाद ही ब्याज को बढ़ा दिया और ऐसा लग रहा था कि बैंक पहले ही इसकी तैयारी में लगा हुआ था। फिलहाल बैंक आफ इंडिया द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की घोषणा की है,
लेकिन आने वाले दिनों में एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक सहित अन्य प्राइवेट सेक्टर के बैंक भी अपनी ब्याज दरों को बढ़ा सकते है। केंद्रीय बैंक ने 7 अक्तूबर को अपनी मॉनेटरी पॉलिसी में रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ा दिया। उसने इसे 5.25 फीसदी से बढ़ाकर 5.5 फीसदी कर दिया। आरबीआई ने 2023 के बाद पहली बार रेपो रेट बढ़ाया है।
होम लोन, कार लोन सहित दूसरे लोन हो जाएंगे महंगे
आपको बता दे कि बैंक ऑफ इंडिया सरकारी बैंक है। ऐसे में सरकारी बैंक द्वारा ब्याज की दर बढ़ाने के बाद जल्द दूसरे बैंक भी अपने लोन के ब्याज दर को बढ़ा सकते है। इससे होम लोन, कार लोन सहित दूसरे लोन महंगे हो जाएंगे। त्योहारों के पहले इसे बड़ा झटका माना जा रहा है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने का असर लोन के नए और पुराने दोनों ग्राहकों पर पड़ेगा। जो लोन पहले होम लोन ले चुके हैं, उनकी EMI बढ़ जाएगी। कोई ग्राहक नया लोन लेने जा रहा है तो उसे ज्यादा इंटरेस्ट रेट पर लोन मिलेगा।
आरबीआई ने इनफ्लेशन को कंट्रोल में करने के लिए बढ़ाया रेपो
आरबीआई ने 7 अक्तूबर को रेपो रेट बढ़ाने का फैसला महंगाई को कंट्रोल में करने के लिए किया। आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी के सभी 6 सदस्यों ने रेपो रेट बढ़ाने के प्रस्ताव का समर्थन किया। अगस्त में रिटेल इनफ्लेशन 4.82 फीसदी पर पहुंच गया।

