हिसार से वाया तोशाम होकर भिवानी के लिए यात्रा करने वालों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। यहां शहर के हिस्से में स्थित करीब साढ़े 3 किलोमीटर लंबे तोशाम बाईपास पर सड़क को मजबूत किया जाएगा। इसके निर्माण पर साढ़े 3 करोड़ रुपए की धनराशि खर्च होगी। इसपर डीबीएम और बीसी ब्लैक टॉप यानी तारकोल की दो मजबूत लेयर बिछाई जा रही है। इससे भारी वाहनों के दबाव से सड़क भविष्य में क्षतिग्रस्त नहीं होगी।
वाहनों की आवाजाही होगी सुगम
यह सड़क मार्ग साल 2019 में हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड से लोक निर्माण विभाग (PWD) को स्थानांतरित किया गया था। PWD के पास आने के बाद इसमें करीब डेढ़ किलोमीटर दायरे में आरसीसी पैटर्न की सड़क बनाई गई थी। बाकी हिस्से में तारकोल की सड़क का निर्माण हुआ था। समय के साथ आरसीसी पैटर्न की सड़क में भारी वाहनों का दबाव झेलते हुए कई जगहों पर दरारें आ चुकी है।
वहीं, तारकोल की पहले बनी सड़क भी खस्ताहाल हो चुकी थी। इसी के चलते PWD विभाग ने करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये के बजट से तोशाम बाईपास के करीब 3.5 किलोमीटर दायरे में नई सड़क बनाने का काम शुरू किया है। अब तोशाम बाईपास के बरसाती चैनलों के रखरखाव और साफ-सफाई का जिम्मा भी नगर परिषद संभालेगा। इसको लेकर PWD विभाग ने नगर परिषद को पत्र लिखा हैं।
डीबीएम और बीसी का महत्व
सड़क निर्माण में डीबीएम (डेंस विटुमिनस मैकेडम) की दो लेयर डाली जाती हैं। यह एक महत्वपूर्ण बाइंडर परत है। इसे बेस लेयर के ऊपर और सबसे ऊपरी सतह (बीसी) के नीचे बिछाया जाता है। डीबीएम भारी वाहनों जैसे डंपर और ट्रकों के दबाव व झटकों को सोखती है। यह सड़क के भार को नीचे की परतों पर समान रूप से बांटती है। अंदरुनी मजबूती मिलती है।
तोशाम बाईपास पर करीब साढ़े 3 करोड़ के बजट से सड़क नवीनीकरण का काम कराया जा रहा है। काम अगले सप्ताह तक पूरा हो जाएगा। बाईपास की सड़क के दोनों तरफ निर्मित बरसाती चैनलों के रखरखाव की जिम्मेदारी नगर परिषद की है। नगर परिषद अधिकारियों से भी पत्राचार हो चुका है। नालों की सफाई की जिम्मेदारी भी नगर परिषद की है। लोकेश डागर, कार्यकारी अभियंता, हिसार।

