Haryana News : हरियाणा सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बनी हुई चौपाल को सुंदर बनाने का प्लान बनाया है। जहां पर हर जिले के हिसाब से चौपाल बनाने व उनको दोबारा विकसित करने की योजना को मंजूरी दी गई है। हालांकि यह योजना सरकार द्वारा अनुसूचित जाति (एससी) और पिछड़ा वर्ग (बीसी) की चौपालों की हालत सुधारने के लिए की गई है।
हरियाणा ग्रामीण विकास निधि प्रशासनिक बोर्ड (एचआरडीएफ) ने सिरसा जिले में चौपालों से जुड़े 243 विकास कार्यों के लिए 12 करोड़ 93 लाख 68 हजार रुपये जारी किए हैं। इस राशि से चौपालों की मरम्मत, नवीनीकरण, रोड निर्माण, चारदीवारी और इंटरलॉकिंग टाइल लगाने जैसे काम करवाए जाएंगे। विकास एवं पंचायत विभाग के माध्यम से राशि आरटीजीएस से संबंधित ग्राम पंचायतों के बैंक खातों में एकमुश्त भेजी गई है।
पंचायतों को राशि जारी होने की पूरे करने होंगे। जारी राशि पर मिलने वाला ब्याज भी बोर्ड को वापस जमा करवाना होगा। निर्धारित समय में काम पूरा करने और नियमों का पालन करने की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायतों की होगी। इस योजना का उद्देश्य गांवों में सामुदायिक स्थलों की स्थिति सुधारना और लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। चौपालों में होने वाली बैठकों तारीख से छह माह के भीतर काम और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए बेहतर व्यवस्था बनाने पर जोर दिया गया है। जिले के अलग-अलग ब्लॉकों के गांवों में जरूरत के अनुसार विकास कार्य करवाए जाएंगे।
स्वीकृत कार्यों में कई ब्लॉकों के गांवों को मिलेगा लाभ
स्वीकृत कार्यों में ओझं, रानियां, डबवाली, ऐलनाबाद, नामूसरी चौपटा और सिरसा ब्लॉक की पंचायतें शामिल हैं। जारी सूची के अनुसार, देसू मलकाना, असीर, हस्सू, लक्कड़ांवाली और अबूतगढ़ जैसे गांवों में चौपालों के जीणोंद्धार तथा इंटरलॉकिंग टाइल लगाने से जुड़े काम करवाए जाएंगे। डबवाली क्षेत्र में गंगा, चौटाला, देसूजोधा, जंडवाला बिश्नोईयां और मटदादू सहित अन्य स्थानों पर चौपालों के नवीनीकरण के लिए राशि मंजूर की गई है।
वहीं ऐलनाबाद और नाथूसरी चौपटा क्षेत्र में कुत्ताबाढ़, ममेरा कलां, कागदाना, मिर्जापुर और गुसाईआना सहित विभिन्न गांवों में चारदीवारी और शेड निर्माण के काम प्रस्तावित है। सिरसा ब्लॉक में बाजेको, मंगाला, ढानी-400 और फरवाई कलां सहित कई पंचायतों को भी इस योजना में शामिल किया गया है।
एक ही काम के लिए दोबारा जारी नहीं किया जाएगा बजट
निर्देशों के अनुसार यदि किसी कार्य के लिए पहले ही जनसंवाद या किसी अन्य योजना से राशि जारी हो चुकी है तो उसी काम के लिए दोबारा बजट खर्च नहीं किया जा सकेगा। ऐसी स्थिति में एचआरडीएफ की राशि बोर्ड को लौटानी होगी। सभी चौपालों का निर्माण ग्राम पंचायत की अधिकृत जमीन पर ही करवाना अनिवार्य है। इसके अलावा सभी 243 कार्यों की भौतिक और वित्तीय प्रगति वर्क मॉनिटरिंग सिस्टम पर नियमित रूप से दर्ज करनी होगी।
काम से पहले मौके पर जांच जरूरी
बोर्ड ने कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निर्माण शुरू होने से पहले संबंधित एक्सईएन और एसडीओ को मौके पर जाकर स्वीकृत एस्टीमेट का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि काम निर्धारित स्थान पर और मंजूर योजना के अनुसार ही हो।

