Haryana News : हरियाणा में जलभराव की समस्या को झेल रहे पांच गांवों के हजारों किसानों को जल्द ही राहत मिलने वाली है। हरियाणा सरकार द्वारा इन गांवों में जलभराव की समस्या से निजात दिलाई जाएगी और जल्द ही इन गांवों की जमीन पर फसल ललहाते हुए नजर आएगी। पांच गांवों के किसानों की भूमि को खेती के अनुकूल बनाने के लिए वर्टिकल ड्रेनेज प्रोजेक्ट (वीडीपी) पर काम होगा।
इस परियोजना पर पहले चरण में 1.98 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में भूमिगत पाइप लाइन का नेटवर्क बिछाया जाएगा। अतिरिक्त भूजल को निकालकर ड्रेनों में पहुंचाया जाएगा। इससे खेतों में ऊपर आए चोवे की समस्या कम होगी और भूजल स्तर को उचित स्तर पर लाने में मदद मिलेगी।
रुखी, भंडेरी, मदीना, खानपुर कलां व खेड़ी दमकन गांव में कई जगह भूजल स्तर काफी ऊपर है। इसके साथ ही पानी में खारापन होने के कारण खेतों में फसलों की पैदावार प्रभावित होती है। जलभराव की वजह से जमीन में लंबे समय तक नमी बनी रहने से फसल की जड़ों तक पर्याप्त हवा नहीं पहुंच पाती।
कई जगह समय पर जोताई और फसल की बिजाई करना भी मुश्किल हो जाता है। वर्टिकल ड्रेनेज सिस्टम के माध्यम से जमीन के नीचे जमा अतिरिक्त पानी को बाहर निकाला जाएगा। परियोजना के तहत प्रभावित क्षेत्र में भूमि के निर्धारित गहराई में पाइप लाइन का नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
पाइप लाइनों से एक जगह अतिरिक्त पानी को एकत्र कर उसे पंपसेट लगाकर ड्रेनों तक पहुंचाया जाएगा। इससे जमीन के नीचे पानी का दबाव कम होगा और धीरे धीरे भूजल स्तर सामान्य स्तर पर लाया जाएगा। भूजल स्तर सामान्य होने से खेतों में जलभराव की स्थिति कम होगी और जमीन खेती के लिए अधिक अनुकूल बन सकेगी। इससे मिट्टी की पानी सोखने की क्षमता भी बढ़ेगी।
भूजल स्तर उचित गहराई पर आने के बाद जमीन में हवा का संचार बेहतर होगा। इससे फसलों की जड़ों को अनुकूल वातावरण मिलेगा और प्रभावित जमीन पर दोबारा नियमित खेती हो सकेगी। इस परियोजना से पांच गांवों में लगभग सात हजार एकड़ भूमि का सुधार होगा।
सहायक भूमि परीक्षण अधिकारी डा. सत्यवान ग्रेवाल ने बताया कि वर्टिकल ड्रेनेज सिस्टम के तहत काम कराने के लिए टेंडर लगाए गए हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम शुरू कराया जाएगा। धान की कटाई होने के बाद काम शुरू कराया जाएगा। –

