हरियाणा रोडवेज की बसों की लेटलतीफी व चक्कर मिस होने के मामलों पर कड़ा संज्ञान लिया है। अगर अब किसी बस का चक्कर मिस हो गया तो इसकी सीधी गाज मुख्य निरीक्षक और कार्यनिरीक्षक पर पड़ेगी। बसें मिस होने से न केवल यात्रियों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ती है, बल्कि इससे परिवहन विभाग को भी खासा नुकसान होता है।
रेवाड़ी डिपो में आठ से दस रूट ऐसे हैं, जहां पर आए दिन बसें मिस रहती हैं। कुछ रूटों पर बसों की कमी आड़े आती है तो कहीं पर जिम्मेदारों की लापरवाही भी शामिल है। जिम्मेदार मनमर्जी करते हुए नए-नए रूटों पर बस सेवाएं शुरू कर रहे हैं, लेकिन पहले से संचालित रूटों पर बस नहीं भेजी जाती है। जिसका खामियाजा आमजन को उठाना पड़ता है।
हरियाणा राज्य परिवहन विभाग की तरफ से रूटों पर बसें मिस होने को लेकर पहले भी आदेश जारी किए गए थे, लेकिन जिम्मेदारों ने उन पर ध्यान देना मुनासिब नहीं समझा। बसों के मिस होने का सिलसिला अनवरत जारी है। अब हरियाणा राज्य परिवहन विभाग ने बसों के समय पर संचालन को लेकर सख्त आदेश जारी किए है।
सभी महाप्रबंधकों और उड़नदस्ता अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोई भी बस बिना समय सारणी के संचालित न हो। कोई भी समय मिस हुआ या फिर एक माह में किसी भी रूट पर एक से ज्यादा समय मिस होने पर मुख्य निरीक्षक व कार्यनिरीक्षक पर कार्रवाई होगी।
बिना टाइम-टेबल कोई बस नहीं
बस अड्डों पर बिना समय सारणी के कोई भी बस संचालित नहीं होगी। सभी बस अड्डों पर काउंटरों के रजिस्टर नियमित रूप से मेंटेन रखना होगा ताकि बसों के आने जाने का रिकार्ड रहे। अनावश्यक तौर पर कोई भी समय मिस नहीं होगा, जिसके लिए मुख्य निरीक्षक की पूर्ण जिम्मेदारी होगी। एक माह में किसी भी अंतरराज्यीय या लंबे मार्ग का एक से अधिक समय मिस न हो और लोकल मार्ग का दो से अधिक समय मिस रहता है तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी कार्य निरीक्षक एवं मुख्य निरीक्षक की होगी और उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
यात्रियों की भी रहती है बसें मिस होने की शिकायत
नए आदेशों से न केवल यात्रियों को समय पर बस मिलने में आसानी होगी और डिपो स्तर पर लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है। अक्सर यात्री समय पर बस न आने की शिकायत करते रहे हैं, जिसके बाद यह कदम उठाया है।
कार्य निरीक्षक रोडवेज जसवंत सिंह ने कहा कि कुछ रूटों पर निर्माण कार्य के चलते बस सेवाएं समय पर नहीं पहुंच पाती है, जिसके चलते बस का टाइम मिस हो जाता है। वहीं पटौदी रूट पर रेलवे फाटक ज्यादा समय बंद रहने के कारण बसें वहीं खड़ी रहती हैं, जिससे दूसरे टाइम पर बस सवारी नहीं ले जा पाती है। अन्य सभी रूटों पर बस सेवाएं लगभग सामान्य है।

