HKRNL के विषय पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जवाब दिया। सीएम ने कहा कि आज युवाओं का हौसला हमारी सरकार में बढ़ा है। जिस परिवार में कोई नौकरी नहीं थी ऐसे गरीब परिवार के लिए नंबर का प्रावधान किया गया।
जब से निगम की स्थापना हुई तब से तैनाती निर्धारित मापदंड पर की जाती है। निगम द्वारा 28350 कर्मचारी लगाए गए, जिनमें लेवल एक के 4548 लेवल 2 के 9577 तथा लेवल 3 के 14225 कर्मचारी शामिल।
अनुसूचित जाति के 6 हजार 788 कर्मचारी शामिल जो निर्धारित 20% हिस्सेदारी के मुकाबले 23.94%, इसी प्रकार पिछड़ा वर्ग के 8128 कर्मचारी जो निर्धारित 27% हिस्सेदारी के मुकाबले 28.67 प्रतिशत
सीएम ने कहा हमने HKRN में Grievance Redressal के लिए बाकायदा निर्धारित SOP बनाया। बिना नोटिस बिना इन्वेस्टिगेशन के रिलीजिंग ऑर्डर पकड़ा दिया जाता है यह आरोप भी गलत है। HKRN में पहले से ही Penal एक्शन के लिए निर्धारित SOP और प्रक्रिया बनाई गई।
HKRN को कभी रेगुलर गवर्नमेंट जॉब के रूप में बताया ही नहीं गया, इसका उद्देश्य तो केवल ठेकेदारों के हाथों शोषण हो रहे कर्मचारियों को व्यवस्थित प्लेटफार्म देना था।
सिलेक्शन क्राइटेरिया और एलिजिबिलिटी पैरामीटर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पहले से ही है पब्लिक, पोर्टल पर 31 अगस्त की सुबह 10 बजे तक सर्विस security के 62497 आवेदन प्राप्त हुए ।
इनमें से DDOs द्वारा 55 हजार 77 आवेदन और HODs द्वारा 27 हजार 896 आवेदन अनुमोदित किए जा चुके हैं। अगले दो मास में एक भी ऐसा पात्र कर्मचारी नहीं बचेगा जिसे सेवा सुरक्षा न दी गई हो। HKRN कोई राजनीतिक प्रयोग नहीं बल्कि मैनपॉवर इंगेजमेंट को पारदर्शी और ठेकेदार फ्री दिशा में ले जाने का प्रयास है।

