Gaya-Darbhanga Expressway: बिहार में बन रहा गया-दरभंगा एक्सप्रेसवे राज्य के सड़क नेटवर्क को बड़ा बदलाव देने वाला है। इस एक्सप्रेसवे के बनने से बिहार ही नहीं कई अन्य राज्यों को भी फायदा मिलेगा। वहीं पटना से दिल्ली का सफर बेहद कम समय में तय होने वाला है और कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे के नाम से भी जाना जाने वाला यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बिहार की तस्वीर बदलने वाला है। एक्सप्रेसवे को NHAI भारतमाला परियोजना के फेज-1 के तहत चार लेन बनाया जा रहा है।
लगभग 198 किलोमीटर लंबा ये एक्सप्रेसवे गया के आमस से शुरू होकर औरंगाबाद, गया, जहानाबाद, पटना, वैशाली और समस्तीपुर होते हुए दरभंगा (बेला नवादा) तक जाएगा। इसके अलावा लिंक रोड के जरिए बोधगया और राजगीर को भी जोड़ने की योजना है। लिंक रूट को जोड़ने पर इसकी कनेक्टिविटी करीब 230 किलोमीटर तक पहुंचती है।
कहां-कहां से गुजरेगा एक्सप्रेसवे?
ये बिहार का पहला ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है। लगभग 5 हजार करोड़ रुपये की लागत से इसे बनाया जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत औरंगाबाद और गया जिले की सीमा के पास आमस से होगी। यहां से यह दिल्ली-कोलकाता NH-19 से जुड़ेगा। इसका उत्तरी छोर दरभंगा के बेला नवादा के पास होगा, जहां यह NH-27 के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर से कनेक्ट होगा।
10 घंटे में पूरा होगा 22 घंटे का सफर
अभी आमस या गया से दरभंगा जाने में करीब 6 से 7 घंटे लग जाते हैं। लेकिन इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद यह सफर घटकर करीब 3 से 4 घंटे रह सकता है। खास बात ये है कि इस एक्सप्रेसवे के बनने से बिहार ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों को भी इसका फायदा मिलेगा।
आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे के दूसरे एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद बिहार से दिल्ली और कोलकाता जाने में लगने वाला समय भी कम होने की उम्मीद है। अभी दरभंगा से दिल्ली पहुंचने में करीब 18 से 22 घंटे लगते है, लेकिन इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद ये सफर महज 10 से 12 घंटे में तय होगा।
वहीं पटना से दिल्ली जानें में सिर्फ 7- 8 घंटे लगेंगे। इसके अलावा दरभंगा से कोलकाता पहुंचने में अभी जो 14 से 16 घंटे का समय लगता है वह घटकर 7 से 8 घंटे रह जाएगा।

