Haryana News : हरियाणा में पानी व सीवरेज का कनेक्शन लेने का सुनेहरा मौका है। अगर हरियाणा सरकार द्वारा शुरू की गई योजना का अब लाभ नहीं लिया तो बाद में भारी भरकम राशि देने पड़ेगी। जहां पर कनेक्शन के लिए फीस देने पड़ेगी, वहीं सीवरेज व पानी का कनेक्शन करने के लिए खोदी जाने वाली सड़क व गली के निर्माण के लिए दस हजार रुपये तक की राशि देने पड़गी।
हरियाणा में जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से शहर की विभिन्न कालोनियों में अवैध तरीके से चल रहे सीवरेज व पानी के कनेक्शनों की पहचान कर ली है। इसके बाद विभाग की स्पेशल टीम हर घर पर दस्तक देगी और ऐसे कनेक्शन करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
इसके लिए विभाग ने टीमें तैयार की हैं। प्रत्येक टीम में चार सदस्य होंगे। लोगों को कनेक्शन लेने की प्रक्रिया, शुल्क और उपलब्ध राहत की जानकारी भी दी जाएगी। विभाग का फोकस शुरुआत में दादरी शहर के बाहरी क्षेत्र में रहेगा।
सीवरेज व पानी के कनेक्शन की कितनी होगी फीस
हरियाणा जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से सीवरेज व पानी के कनेक्शन के रेट निर्धारित कर दिए है। अब पेयजल कनेक्शन लेने के लिए 1,000 रुपये व सीवरेज कनेक्शन के लिए 500 रुपये की फीस निर्धारित की है। अगर दोनों कनेक्शन लेना है तो उपभोक्ता को 1500 रुपये की राशि देनी होगी। फिलहाल जनस्वास्थ्य विभाग ने रोड कट का चार्ज को पूरी तरह से माफ किया हुआ है। अगर भविष्य में कनेक्शन नहीं लिया तो विभाग की तरफ से दस हजार रुपये तक रोड कट चार्ज लिया जाएगा।
किस्तों में भी राशि का कर सकते हैं भुगतान
जनस्वास्थ्य विभाग ने अवैध कनेक्शनों को पूरी तरह से बंद करने के लिए अलग-अलग स्कीम चालू की है। इसके तहत कनेक्शन मंजूर नहीं कराने पर विभागीय नियमानुसार कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। कनेक्शन की फीस को लेकर विभाग की ओर से उपभोक्ता को विकल्प भी दिया जा रहा है। या तो उपभोक्ता एक मुश्त पूरी राशि जमा करा दे। नहीं तो पानी-सीवरेज बिल में 10 रुपए प्रति माह चार्ज देकर भी इस राशि का भुगतान कर सकता है। इसके लिए एक हल्फनामा देना पड़ेगा। नए कनेक्शन के लिए उपभोक्ता को घर के बाहर मीटर लगवाना होगा और मीटर खुद लेना होगा।
इसे लेकर विभाग के कार्यकारी अभियंता सोहनलाल की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों की अनुपालना में विभाग के उपमंडल अभियंता मुकेश ने बैठक आयोजित की। बैठक में विभागीय स्टाफ ने अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने और शहर में अवैध पेयजल एवं सीवरेज कनेक्शनों को नियमित करवाने को लेकर चर्चा की। अभियान का मकसद केवल नए कनेक्शन देने के साथ साथ कनेक्शनों का पूरा रिकॉर्ड तैयार करना और अवैध कनेक्शनों को वैध व्यवस्था में लाना ही है
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