Haryana News: हरियाणा के करनाल में खरीफ विपणन सीजन-2025 के दौरान धान खरीद प्रक्रिया में ई-खरीद पोर्टल पर गेटपास जारी करने में कथित लापरवाही के मामले में हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद करनाल मार्केट कमेटी की तत्कालीन सचिव आशा रानी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं, असंध के तत्कालीन सचिव कृष्ण धनखड़ और घरौंडा के तत्कालीन सचिव चंद्र प्रकाश को तीन साल के लिए डिमोट किया गया है।
एक से अधिक IP एड्रेस से जारी हुए गेटपास
विभागीय जांच रिपोर्ट के अनुसार, तीनों अधिकारियों ने ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से जारी होने वाले गेटपास की प्रभावी निगरानी नहीं की। जांच में एक से अधिक IP एड्रेस से गेटपास जारी किए जाने और मंडियों में वास्तविक आवक से अधिक धान के गेटपास जारी होने की बात सामने आई। Haryana News
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अधिकारियों का अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर पर्याप्त नियंत्रण नहीं था, जिसके चलते ई-खरीद सिस्टम के दुरुपयोग की स्थिति बनी। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण साक्ष्य, विशेष रूप से CCTV फुटेज, उपलब्ध नहीं कराए जाने को भी गंभीर लापरवाही माना गया। Haryana News
मंडी व्यवस्था की पारदर्शिता पर उठे सवाल
जांच अधिकारियों के मुताबिक, गेटपास जारी करने की प्रक्रिया में सामने आई अनियमितताओं ने मंडी व्यवस्था और धान खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए। बोर्ड ने जांच रिपोर्ट और संबंधित अधिकारियों की ओर से दी गई सफाई पर विचार करने के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किए। Haryana News
आशा रानी ने जांच प्रक्रिया पर उठाए सवाल
करनाल मार्केट कमेटी की तत्कालीन सचिव आशा रानी ने विभागीय कार्रवाई के दौरान जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन होने का आरोप लगाते हुए मामले की दोबारा जांच कराने की मांग की थी। आशा रानी पूर्व विधायक मामूराम गोंदर की बेटी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वह विभाग के फैसले के खिलाफ अदालत का रुख कर सकती हैं। Haryana News
कृष्ण धनखड़ और चंद्र प्रकाश ने दी सफाई
असंध के तत्कालीन सचिव कृष्ण धनखड़ और घरौंडा के तत्कालीन सचिव चंद्र प्रकाश ने अपने बचाव में तकनीकी कारणों से IP एड्रेस में बदलाव होने की दलील दी। उन्होंने कहा कि उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया और कथित वित्तीय नुकसान का स्पष्ट आकलन भी नहीं किया गया। Haryana News

