Legal News : सरकार द्वारा कृषि योग्य उपजाऊ जमीन पर इंडस्ट्रियल पार्क बनाने की योजना पर हाईकोर्ट के आदेश के बाद ब्रेक लग गया। हाईकोर्ट ने उपजाऊ जमीन को अधिग्रहण करने पर आपत्ति जताई और इसके लिए सरकार से जवाब मांगा गया है। मोहाली के सेक्टर-101 और 103 में ‘ग्रीन इंडस्ट्रियल पार्क’ बसाने की पंजाब सरकार की योजना थी।
इसके लिए 300 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना था, लेकिन पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जमीन की अधिग्रहण प्रक्रिया पर अगली सुनवाई तक के लिए अंतरिम रोक लगा दी है। जस्टिस जसगुरप्रीत सिंह पुरी और जस्टिस परविंदर सिंह चौहान की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रथम दृष्टया भूमि अधिग्रहण कानून के वैधानिक प्रावधानों का पालन करने में विफल रही है।
कोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा है कि उपजाऊ जमीन को ही क्यों चुना गया और किसानों की आपत्तियों को क्यों दबाया गया। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 अक्टूबर की तारीख तय की है। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वे चार सप्ताह के भीतर याचिका में उठाए गए सभी बिंदुओं और अपनी कानूनी स्थिति पर विस्तृत जवाब दाखिल करें।
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणियां और कानूनी पेंच
असाधारण परिस्थितियों का सबूत नहीं दे पाई सरकार (धारा 10): भूमि अधिग्रहण कानून की धारा 10 (2) के तहत खाद्य सुरक्षा का ध्यान रखते हुए सिंचित बहु-फसली कृषि भूमि का अधिग्रहण केवल ‘अंतिम विकल्प’ के रूप में ही किया जा सकता है। अदालत ने कहा कि सरकार को बार-बार मौका दिए जाने के बावजूद ऐसा कोई दस्तावेज पेश नहीं किया गया जो इस जमीन को चुनने के पीछे किसी असाधारण परिस्थिति को साबित करे।
आपत्तियों की अनदेखी पर सवाल (धारा 15)
याचिकाकर्ता केसर सिंह व अन्य किसानों के वकील ने दलील दी कि कानून के तहत दर्ज कराई गई उनकी आपत्तियों को न तो सुना गया और न ही उनका निपटारा किया गया। सरकारी वकील कोर्ट के सामने किसानों को आपत्तियों के निस्तारण की जानकारी देने का कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं कर पाए।
गंभीर आर्थिक और पर्यावरणीय असर
कोर्ट के समक्ष पेश की गई ‘सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट’ ने इस अधिग्रहण को ‘नकारात्मक और उच्च प्रभाव’ वाला बताते हुए चेतावनी दी है कि इससे उत्पादक कृषि भूमि का स्थायी नुकसान होगा। इससे 72 परिवार सीधे या परोक्ष रूप से प्रभावित होंगे। ट्यूबवेल सिंचाई और बागवानी पर सीधा असर होने वाला है। 63 फलदार और 112 गैर-फलदार पेड़ कटेंगे और 14 ट्यूबवेल और 2 डेयरी फार्म पूरी तरह तबाह होंगे।

