September 25, 2026
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पशुपालन अधिकारी की बेटी ने सिर्फ 25 की उम्र में रचा इतिहास, जानिए कौन है आईएएस मुस्कान श्रीवास्तव?

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिला की रहने वाली मुस्कान श्रीवास्तव आज आईएएस अधिकारी हैं। आईएएस तक पहुंचने का उनका सफर जितना रोचक है, उतना ही प्रेरणा भरा भी है। मुस्कान श्रीवास्तव ने प्रशासनिक अधिकारी बनने के लिए Microsoft जैसी प्रतिष्ठित कंपनी की नौकरी भी छोड़ दी।


ऐसा नहीं है कि मुस्कान श्रीवास्तव का यह सफर बहुत आसान रहा, लेकिन उनकी मेहनत ने इस राह को आसान बना लिया। क्योंकि Microsoft की नौकरी छोड़ कर वे पहले आईपीएस अधिकारी बनी और फिर अपनी लगन और मेहनत से आईएएस का पद पाया।

मुस्कान श्रीवास्तव ने IIITDM जबलपुर से इंजीनियरिंग की और अब वे आईएएस हैं। मुस्कान श्रीवास्तव Gen Z से आती हैं। क्योंकि उनका जन्म 22 सितंबर 1998 को हुआ है।

मुस्कान श्रीवास्तव ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनका बचपन उत्तर प्रदेश के गोंडा में बीता है। उनके पिता डॉ. सुधीर कुमार श्रीवास्तव गोंडा की आवास विकास कालोनी में रहते थे।

हालांकि परिवार मूल से सीतापुर के महबूदाबाद के गांव गुलरामऊ से आता है। उनके पिता पशु पालन विभाग के अधिकारी रहे हैं। रहे हैं और जिस समय मुस्कान ने आईएएस की परीक्षा क्रेक की, वे अयोध्या मंडल में पशुपालन विभाग में संयुक्त निदेशक थे।

मुस्‍कान के अनुसार उनकी स्कूली शिक्षा यानी 12वीं तक की पढ़ाई गोंडा में हुई है। हालांकि इसके बाद भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी, डिजाइन एवं विनिर्माण संस्थान जबलपुर में प्रवेश लिया और यहां से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक की। इसके बाद वे Microsoft में नौकरी करने लगी।

सॉफ्टेवेयर इंजीनियर से आईएएस तक का सफर
जैसे ही मुस्कान ने अपनी बीटेक पूरी की, उनको Microsoft जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी मिल गई। इसके बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया और प्रशासनिक सेवा के लिए प्रयास शुरू हुआ।

कोविड महामारी ने बदला जीवन
मुस्कान के अनुसार उन्होंने बचपन में कभी आईएएस अधिकारी बनने की नहीं सोची थी। जब वे Microsoft में कार्यरत थी तो कोविड के कारण घर से काम करना होता था। यानी वर्क फ्रॉम होम के दौरान
वे नियमित रूप से अखबार पढ़ने लगी और इसके अलावा मोबाइल पर प्रेरणादायक वीडियो देखती थी। इसी से उनका मन हुआ कि वे सिविल सेवा में हाथ आजमाएं।

आपदा को बदला अवसर में फिर छाई सफलता की मुस्‍कान

जैसे ही कोविड का काल समाप्त हुआ, मुस्कान ने 2022 में UPSC परीक्षा की तैयारी शुरू करते हुए कड़ी मेहनत की। इसके लग साल यानी 2023 में उन्होंने सिविल सेवा के लिए पहली बार परीक्षा दी। यह प्रयास उनको आईएएस तो नहीं बना सका, लेकिन इसके बहुत पास ले गया। क्योंकि मुस्कान को अखिल भारतीय स्तर पर 98वीं रैंक मिली और इससे वे भारतीय पुलिस सेवा यानी आईपीएस के लिए चयनित हुई।

आईपीएस बनना एक ठहराव मंजिल नहीं
बेशक मुस्कान श्रीवास्तव का चयन आईपीएस के रूप में हो गया था, लेकिन उनकी मंजिल तो आईएएस ही रही। ऐसे में उन्होंने आईपीएस बनने के बाद भी अपनी तैयारी पहले की तरह ही जारी रखी और फिर अगले साल यानी 2024 में जब मौका आया तो ऑल इंडिया 36वीं रैंक पाकर उन्होंने आईएएस में अपनी जगह पक्की कर ली।

हरियाणा कैडर में आईएएस

यूपीएससी क्रेक करने के बाद मुस्कान श्रीवास्तव 2025 की हरियाणा कैडर की अधिकारी बनी।कुछ दिन पहले ही उन्होंने अपना 28वां जन्मदिन मनाया है। मुस्कान श्रीवास्तव ने महज 25 वर्ष की आयु में यूपीएससी की परीक्षा क्रेक की और 26 वर्ष की आयु में वे IAS बन गई।

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