UPSC Success Story: भारत में कई लोगों का सपना आईएएस, आईपीएस बनने का सपना होता है। इसके लिए लोग कड़ी मेहनत कर यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा को पास करते है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी IPS ऑफिसर के बारें में बताने वाले है, जिन्होनें यूपीएससी के लिए एक नहीं बल्कि 16 सरकारी नौकरियों को ठुकरा दिया।
कौन है IPS तृप्ति भट्ट ?
उत्तराखंड के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली इस अफसर का लक्ष्य IPS बनना था और उन्होनें पहले ही प्रयास में सफलता भी हासिल की। हम बात कर रहे हैं आईपीएस ऑफिसर तृप्ति भट्ट की। तृप्ति का जन्म उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में हुआ। चार भाई-बहनों में तृप्ति सबसे बड़ी हैं।
उनकी 10वीं तक की पढ़ाई अल्मोड़ा के बियरशीबा स्कूल से हुई है और 12वीं केंद्रीय विद्यालय से की। उसके बाद उन्होंने पंतनगर यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री ली और फिर एनटीपीसी में बतौर सहायक प्रबंधक काम किया।
UPSC के लिए ठुकराया सरकारी नौकरियों का ऑफर
तृप्ति बचपन से ही काफी होनहार थी। कॉलेज पूरा करने के बाद तृप्ति ने ISRO सहित छह सरकारी नौकरियों की परीक्षाएं पास की। उन्हें ISRO से नौकरी का ऑफर भी आया।
जानकारी के मुताबिक आईपीएस तृप्ति को आईएसआरओ समेत करीब 16 सरकारी संस्थानों से नौकरी के प्रस्ताव आए थे। मगर उन्होनें सभी सरकारी नौकरियों को ठुकरा दिया। क्योकिं उनका सपना IPS बनने का था। तृप्ति ने इन नौकरियों को छोड़कर यूपीएससी को चुना और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।
पहले प्रयास में क्रैक किया UPSC
इसके लिए उन्होनें दिन रात मेहनत की और साल 2013 में अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली। तृप्ति ने 165वीं रैंक हासिल की थी। उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा यानी आईपीएस (IPS) के रूप में हुआ, जिसके बाद उन्हें होम कैडर यानी उत्तराखंड कैडर आवंटित किया गया।

