हरियाणा के शहरों को जाम मुक्त बनाने के लिए सरकार ने नए रिंग रोड़ की मंजूरी दी गई है। हिसार के बाहर रिंग रोड बनाने के लिए राज्य सरकार की तरफ से मंजूरी दे दी है। यह रिंग रोड 41 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें हिसार के आसपास के गांवों की 667 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी और इस पर 1500 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
इसमें से 750 करोड़ रुपये का मुआवजा हरियाणा सरकार व 750 करोड़ का मुआवजा केंद्र सरकार की तरफ से दिया जाएगा। हरियाणा सरकार की तरफ से दिए जाने वलो 750 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि को हरियाणा सरकार ने मंजूर दे दी है। अब यह रिंग रोड रफ्तार पकड़ने वाला है।
चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में हाल ही में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल चुकी है। एनएचएआई अब इस प्रोजेक्ट को लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू करेगी। दूसरी तरफ और रिंग रोड बनने के बाद यह रिंग पूरा हो जाएगा, क्योंकि शहर के दूसरे हिस्से के बाहर आधा रिंग पहले ही बनाया जा चुका है।
यह 41 किलोमीटर लंबा रिंग रोड का स्टार्टिंग प्वॉइंट एनएच-52 राजगढ़ रोड पर गांव मुकलान-देवा के पास से होगा। इसके बाद कैमरी, भगाना, लाडवा, मय्यड़, खरड़, नियाणा और मिर्जापुर के बीच से और धान्सू के नजदीक हो होता हुआ तलवंडी राणा तक पहुंचेगा। इसके बीच यह दिल्ली रोड से बीच में मय्यड़ के पास कनेक्ट होगा और तलवंडी राणा के पास फिर एनएच 52 पर चंडीगढ़ रोड पर जाकर मिल जाएगा।
जमीन अधिग्रहण पर खर्च होंगे ₹1500 करोड़, पहले 1100 करोड़ आ रहा था खर्च
एनएचआईए के अधिकारियों ने बताया कि जमीन अधिग्रहण के बजट में बढ़ोतरी की गई है। पहले इस पर 1100 करोड़ रुपए के खर्च का अनुमान था। अब इसकी असल कीमत करीब 1500 करोड़ रुपए आ रही है। अगर पूरे प्रोजेक्ट की बात करें तो जमीन खरीद के साथ इस पर करीब 3500 करोड़ रुपए का खर्च आएगा।
50-50 प्रतिशत का पार्टनरशिप फॉर्मूला होगा लागू
अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण 750-750 करोड़ रुपए की आधी-आधी राशि वहन करेंगे। जमीन अधिग्रहण पर होने वाले खर्च पर सहमति में देरी की वजह से इस प्रोजेक्ट के आगे के काम में भी देरी हो रही थी।
हरियाणा के पीडब्लूडी मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि पहले फंड को लेकर अनुमानित राशि थी। कहीं कैलकुलेशन में भी गलती हो सकती है। जैसे ही एनएचआईए ने फाइनल कैलकुलेशन करके दी है तो हरियाणा सरकार ने करीब 750 करोड़ रुपए की राशि पर सहमति दे दी है। हरियाणा सरकार के उच्च अधिकारियों की सीएम साहब की अध्यक्षता में हाल ही में हुई मीटिंग में इसको लेकर सहमति बनी थी। एनएचआईए अब तेजी से काम शुरू करेगा।

