वॉयस ऑफ पानीपत (तमन्ना गोयल)- सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अदालती सुनवाई के वीडियो क्लिप साझा करने पर सख्ती दिखाई है। कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी कर बिना अनुमति के ऐसे वीडियो अपलोड, पोस्ट या शेयर करने पर रोक लगा दी है ।कोर्ट का कहना है सुनवाई के समय की छोटे-छोटे क्लिप काट-छांट कर गलत संदर्भ में पेश किए जा रहे थे जिससे न्यायपालिका की छवि पर असर पड़ रहा था और आम जनता के बीच न्याय प्रणाली को लेकर भ्रम फैल रहा था। इसी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है ।कोर्ट ने साफ किया कि अब सुप्रीम कोर्ट या संबंधित हाईकोर्ट की इजाजत के बिना किसी भी अदालत की कार्यवाही का वीडियो क्लिप डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नहीं डाला जा सकेगा।
मीडिया रिपोर्टिंग पर असर नहीं:-
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस आदेश का असर मीडिया की सामान्य रिपोर्टिंग पर नहीं पड़ेगा। पत्रकार और न्यूज संगठन पहले की तरह अदालत की निष्पक्ष और तथ्यात्मक खबरें प्रकाशित और प्रसारित कर सकेंगे। रोक सिर्फ वीडियो क्लिप के अनधिकृत शेयर और एडिटिंग पर है।
किस मामले में आया आदेश:-
यह आदेश एक पत्रकार द्वारा दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान आया। याचिका में मांग की गई थी कि अदालतों की सुनवाई के वीडियो को एडिट करके, शेयर करके और उससे कमाई करने पर रोक के लिए दिशा-निर्देश तय किए जाएं।
TEAM VOICE OF PANIPAT

