वॉयस ऑफ पानीपत ( श्रद्धा गुप्ता ) – ये कमाया है हमने , सोचो जब टीचर फील्ड में आपको सालों काम करने के बाद अपने पड़ाए हुए बच्चे कामियाब होकर मिले तो खुशी बयान नहीं की जा सकती । यही होता है सालों की महनत का फल । SIKKIM के नाथूला दर्रा नाम के TOURIST PLACE पर अचानक मिले टीचर सटूडेंट , जहां दूर खड़े एक लड़के पर महिला की नज़र पड़ती है जो भारतीय सेना की वर्दी में खड़ा था थोड़ा ध्यान देने पर पता चला ये वही है जिसे कभी मैने पड़ाया था साथ ही सटूडेंट भी सालों बाद अपनी गुरू को पहचान लेता है ।
सुना है कि अक्सर टीचर ही बच्चों को याद रखते हैं लेकिन इस वायरल वीडियो के बाद पता चला की सटूडेंस के लिए भी उनके टीचर्स राह दिखाने वाले गुरू से कम नही । भारतीय वर्दी की तो शान अलग ही है लेकिन इस केस में वर्दी की शान के साथ टीचर सटूडेंट्स के खूबसूरत रिश्ते की अहमीयत भी दिखाई देती है ।
14,140 फीट उचाई पर जब आप बादलों औऱ ज़मीन के बीच कहीं अपनी महनत को भारतीय सेना की वर्दी के रूप में सफल होता देखते हैं तो इससे मिले सम्मान ,गोरव औऱ खुशी को किसी तराज़ू में नही तोला जा सकता । यही खुशी ज़ाहिर की है उस टीचर नें भी जिसने भावुक होकर केवल इतना कहा कि जो लोग कहते हैं कि TEACHER PROFESSION में आपने क्या कमाया , तभी महीला टीचर वर्दी में खड़े अपने सटूडेंट्स को दिखाते हुए कहती है कि ये कमाया हमने फिर आखिर में गर्व के साथ अपने छात्र को SALUTE करती है । जो वीडीयो इस समय SOCIAL MEDIA पर तोज़ी से वायरल हो रही है ।
TEAM VOICE OF PANIPAT

