वॉयस ऑफ पानीपत(हिमांशी चावला) – हरियाणा के करनाल में चर्चित बीरू हत्याकांड में 27 घंटे के अंदर पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए दो मुख्य आरोपियों को एनकाउंटर में मार गिराया। यह मुठभेड़ देर रात घोघड़ीपुर नहर के पास हुई, जहां CIA-1 और SDU की टीमों ने बाइक सवार संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया।

पुलिस पर की गई फायरिंग
पुलिस के अनुसार, आरोपियों को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन खुद को घिरता देख उन्होंने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने पहले सरेंडर करने की चेतावनी दी और हवाई फायर किए, लेकिन आरोपियों ने गोलीबारी जारी रखी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्यवाही की, जिसमें दोनों आरोपी हर्ष और बीरबल गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
25 राउंड चली गोलियां
पुलिस और बदमाशों के बीच करीब 25 राउंड फायरिंग हुई। इस दौरान एक गोली SI मनोज कुमार और दूसरी CIA-1 प्रभारी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे दोनों पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। जवाबी कार्यवाही में पुलिस ने AK-47 के साथ हथियारों से फायरिंग की।
हत्या की वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बीरू की हत्या पुरानी रंजिश और सोशल मीडिया विवाद के चलते की गई थी। आरोपियों ने पॉइंट-ब्लैंक रेंज से उसके सिर में गोली मार दी थी।
हत्या कैसे हुई?
जानकारी के मुताबिक, बीरू एक्टिवा से अपनी बहन के घर जा रहा था। इसी दौरान डिस्कवर बाइक पर सवार दो बदमाश उसके पास पहुंचे और सिर में गोली मारकर फरार हो गए। गंभीर हालत में बीरू को पहले करनाल मेडिकल कॉलेज और बाद में अमृतधारा अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों का विरोध
हत्या के बाद परिजनों ने गांधी रोड पर प्रदर्शन कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की और शव उठाने से इनकार कर दिया। करनाल के एसपी नरेंद्र बिजरानिया ने परिवार से 10 घंटे का समय मांगा था, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए पांच विशेष टीमें गठित कीं।
परिवार की मांग
एनकाउंटर के बाद भी बीरू के परिजनों ने प्रशासन से 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और सुरक्षा के लिए हथियार का लाइसेंस देने की मांग की। परिवार का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
IG ने क्या कहा?
मौके पर पहुंचे IG अशोक कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना मिलने के बाद पुलिस टीमों को अलर्ट किया गया था। आरोपियों को सरेंडर करने का मौका भी दिया गया, लेकिन उन्होंने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई। घटना स्थल को सुरक्षित कर FSL टीम ने साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। पुलिस मामले में बरामद हथियारों और फायरिंग की विस्तृत जांच कर रही है।
इन लोगों पर दर्ज है मामला
परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने वंश, योगेश, कुनाल, निंजा, संजय, जैन और नैंसी समेत सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है।
TEAM VOICE OF PANIPAT

