UPSC SUCCESS STORY: प्रयागराज में एडिशनल डीसीपी श्रुति श्रीवास्तव ने महज 24 साल की उम्र में यूपीएससी क्रैक कर इतिहास रच दिया। पढ़ाई में शुरू से ही होनहार और सच्ची मेहनत में विश्वास रखने वाली श्रुति श्रीवास्तव ने यूपीएससी परीक्षा में 82वीं रैंक प्राप्त की थी। आज श्रुति श्रीवास्तव भारतीय पुलिस सेवा की काबिल अधिकारियों में शुमार हैं। उन्होंने बिना किसी कोचिंग के यह सफलता पाई है।

श्रुति श्रीवास्तव की सेवा फिलहाल उत्तर प्रदेश कैडर में सेवारत हैं। 2020 बैच की आईपीएस अधिकारी श्रुति श्रीवास्तव को लोग उनकी काबिलियत से जानते हैं। फिलहाल वे प्रयागराज में एडिशनल डीसीपी हैं। इससे पहले उनकी सेवाएं वाराणसी में रही। करीब 1 महीना पहले ही उनका तबादला हुआ है।
IPS श्रुति श्रीवास्तव का परिचय
श्रुति श्रीवास्तव का जन्म 3 नवंबर 1995 को हुआ है। उन्होंने बीएससी अंग्रेजी तक पढ़ाई करने बाद यूपीएससी की यात्रा शुरू की। उन्होंने 2019 में संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी की परीक्षा में 82वीं रैंक लेकर सफलता पाई। हालांकि आईपीएस बनने से पहले वे करीब 2 साल तक लोकसभा सचिवालय में भी काम किया है।

तीसरे प्रयास में मिली सफलता
यूपीएससी में सफलता के लिए श्रुति श्रीवास्तव में लगातार प्रयास जारी रखा। तीसरे प्रयास से उनको सफलता मिल पाई, लेकिन इसके लिए कड़ी मेहनत जारी रखी। हालांकि उनकी पढ़ाई देश के प्रतिष्ठित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से हुई है। वे नेट-जेआरएफ भी क्लियर कर चुकी हैं।
प्रोफेसर बनना था लक्ष्य
आईपीएस श्रुति श्रीवास्तव ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनका लक्ष्य प्रोफेसर बनना था। जब वे कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी, तब तक सिविल सेवा के लिए मन नहीं था। फिर किसी दिन एक शिक्षक ने बताया कि वे सिविल सेवा परीक्षा में बेहतर कर सकती हैं। इसको गंभीरता से लिया और तैयारी शुरू कर दी।

