Haryana News : हरियाणा में शिक्षा विभाग की गाइडलाइन का प्लान नहीं करने पर स्कूल मुखिया बुरी तरह से फंस गए है। कई स्कूल मुखियों द्वारा स्पोर्ट्स इक्विपमेंट फंड का बिना गाइडलाइन आए ही उसका प्रयोग कर लिया। जब विभाग के संज्ञान में यह मामला आया तो उन पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
शिक्षा विभाग द्वारा खेल उपकरण (स्पोर्ट्स इक्विपमेंट) और खेल मैदान रखरखाव (प्लेग्राउंड मेंटेनेंस) के लिए प्रति विद्यालय मंजूर किए गए एक-एक लाख रुपये के फंड को विभागीय दिशा-निर्देश (गाइडलाइंस) जारी होने से पहले खर्च करने पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है।
इसके बावजूद मनमाने ढंग से राशि खर्च करने वाले स्कूल मुखियाओं के खिलाफ अब अनुशासनात्मक कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
सोनीपत जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) तथा सभी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक व उच्च विद्यालयों के मुखियाओं को कड़ा निर्देश पत्र जारी किया है, जिसमें 16 सितंबर को जिले के सभी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक एवं उच्च विद्यालयों के लिए एक-एक लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी।
इसके पश्चात स्कूलों के लिए बजट आवंटन (बजट एलोकेशन) की प्रक्रिया भी पूरी कर दी गई थी। क्लस्टर हेड्स एवं खंड शिक्षा अधिकारियों की बैठक में पहले ही यह निर्देश दिए थे कि मुख्यालय से खेल सामग्री खरीद, मैदानों के रखरखाव से जुड़ी विस्तृत गाइडलाइंस जारी होने तक इस राशि को खर्च न किया जाए।
उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी हुई
सोनीपत जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया ने बताया कि विभाग के संज्ञान में आया है कि कई विद्यालय मुखिया- उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करते हुए निर्धारित प्रक्रिया और गाइडलाइंस का इंतजार किए बिना ही इस राशि को खर्च कर रहे हैं। इसकी सूची तैयार कर जल्द कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इससे पहले डीईओ ने सभी को चेतावनी दी है। विभाग द्वारा आवश्यक गाइडलाइंस व दिशा-निर्देश जारी होने तक आवंटित राशि को किसी भी मद में खर्च नहीं किया जा सकता। यदि किसी विद्यालय मुखिया द्वारा इन आदेशों की अवहेलना करते हुए बजट खर्च किया जाता है, तो उसके विरुद्ध विभागीय नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

