PR Paddy Limit : हरियाणा सरकार के एक फैसले ने पीआर धान की खेती करने वाले किसानों को चिंता में डाल दिया है। सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर पीआर धान की प्रति एकड़ के हिसाब से खरीद की सीमा निर्धारित कर दी है। यह सीमा प्रत्येक जिले के हिसाब से अलग-अलग निर्धारित की गई है।
कुरुक्षेत्र के किसान सबसे अधिक 29.26 क्विंटल यानी 73.15 मन प्रति एकड़ धान एमएसपी पर मंडियों में बेच सकेंगे। फतेहाबाद के किसान 28.31 क्विंटल यानी 70.78 मन बेच सकेंगे। कैथल में 27.29 क्विंटल यानी 68.48 मन प्रति एकड़ धान की बिक्री हो सकेगी। सबसे कम पलवल में 21.39 क्विंटल यानी 53.48 मन प्रति एकड़ धान की खरीद की जाएगी।
सरकार का दावा है कि यह आंकड़ा कृषि विभाग के वर्ष 2023, 2024 और 2025 के धान उत्पादन के औसत आंकड़े तैयार कराए हैं। इन्हीं के आधार पर जिला स्तर पर धान खरीद की जाएगी। कृषि विभाग ने ये आंकड़े खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को भेज दिए हैं। अब किसान एप में इन आंकड़ों को दर्ज किया जाएगा।
जिस जिले के किसानों के लिए औसत फसल उत्पादन निकाला गया है, उसी के अनुसार फसल की बिक्री हो सकेगी। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने कहा कि यदि किसी के खेत में ज्यादा धान का उत्पादन हुआ है तो जांच के बाद खरीद की जाएगी। केंद्र के निर्देश पर जिला-वार खरीद की योजना बनाई गई है। किसान को आर्थिक नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
ज्यादा धान घर में रखना पड़ सकता है
किसानों को औसत उत्पादन के आधार पर धान खरीद होने पर अतिरिक्त धान घर में रखना पड़ सकता है। किसान तय सीमा से ज्यादा फसल नहीं बेच पाएंगे। धान की बिक्री बंद होने के बाद भाव कम भी मिल सकते हैं। किसानों का कहना है कि उनके पास इतनी जगह नहीं होती कि वह अतिरिक्त धान को घर में स्टोर कर सकें।
58 लाख टन से ज्यादा धान न खरीदे हरियाणा
केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने इस बार 58 लाख टन से ज्यादा धान न लेने के निर्देश दिए हैं। पिछली बार प्रदेश सरकार ने 62 लाख टन से ज्यादा धान की खरीद कर ली थी। इससे प्रदेश में अतिरिक्त चावल का उत्पादन हुआ था। केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने अतिरिक्त चावल लेने से इनकार कर दिया था। अभी भी ढाई लाख टन चावल हरियाणा में पड़ा है। इसे लेकर चावल मिल मालिक लगातार सरकार से मांग कर रहे हैं कि चावल एफसीआई को दिया जाए। नहीं तो यह खराब हो जाएगा।
कुरुक्षेत्र की सबसे ज्यादा होगी खरीद
हरियाणा सरकार द्वारा पीआर धान की खरीद की लिमिट निर्धारित कर दी है।जहां पर प्रत्येक जिले की लिमिट अलग-अलग निर्धारित की गई है।इसमें सबसे ज्यादा खरीद सीमा कुरुक्षेत्र जिले की रखी गई है। जहां पर किसानों का 73.15 मन प्रति एकड़ के हिसाब से खरीद जाएगा। जबकि सबसे कम लिमिट पलवल की निर्धारित की गई है। सबसे कम खरीद सीमा पलवल की 53.48 मन प्रति एकड़ है।
पीआर खरीद के लिए जिलों की निर्धारित लिमिट
कुरुक्षेत्र 73.15 मन, फतेहाबाद 70.78 मन, यमुनानगर 69.33 मन, कैथल 68.48 मन, पंचकूला 67.15 मन, अम्बाला 65.65 मन, महेंद्रगढ़ 63.95 मन, रेवाड़ी 63.95 मन, पानीपत 63.83 मन, करनाल 63.13 मन, झज्जर 62.70 मन, चरखी दादरी 62.13 मन, सिरसा 62.10 मन, रोहतक 61.53 मन, जींद 61.08 मन, सोनीपत 59.98 मन, नूंह 58.55 मन, गुरुग्राम 58.20 मन, भिवानी 57.98 मन, फरीदाबाद 55.83 मन, हिसार/हांसी 54.43 मन, पलवल 53.48 मन प्रति एकड़ की खरीदी जाएगी।

