September 25, 2026
Voice Of Panipat
Big Breaking NewsEducationIndia News

संघर्ष की आग में तप कर कनिका ने बनाई नई पहचान, 3 छोटे बच्चों की परवरिश के साथ साथ हासिल किया बड़ा मुकाम

GDA OSD Kanika Kaushik: जब समय विपरीत होता है तो व्यक्ति को खुद का हौसला ही जीवन के संघर्ष में साथ देता है। दिल्ली निवासी कनिका ने विपरीत परिस्थितियों में न सिर्फ खुद को संभाला, साथ ही अपने बच्चों के लिए खुद ही माता और पिता का सहारा बन कर आगे बढी है।

कहानी है गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में ओएसडी डॉ. कनिका कौशिक की। क्योंकि कार्डियो अरेस्ट से अचानक उनके पति का निधन हो गया। इसके बाद कनिका का जीवन जैसे बिखर सा गया था। लेकिन उन्होंने खुद को संभाला। आज कनिका महिला सशक्तिकरण का उदाहरण बन चुकी हैं। वे कई मंचों पर सम्मानित भी हो चुकी हैं। कई लोगों को उनके जीवन से प्रेरणा मिल रही है।

क्योंकि पति के निधन के बाद कनिका के कंधों पर परिवार के साथ 3 बच्चों की जिम्मेदारी भी आ गई। ऐसे मुश्किल समय में कनिका ने खुद को संभाला और खुद बच्चों की परवरिश का जिम्मा उठाया। इसके साथ ही उन्होंने सरकारी नौकरी भी पाई। बेशक पति के जाने का गम कनिका कौशिक को है, लेकिन अपने बच्चों के लिए मां और पिता दोनों की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

उच्च शिक्षा प्राप्त हैं कनिका
कनिका उच्च शिक्षा प्राप्त हैं। उनका जन्म 27 मार्च 1989 को दिल्ली में हुआ और दिल्ली विश्वविद्यालय से ही उन्होंने बीकॉम किया। इसके अलावा उन्होंने मार्केटिंग और फाइनेंस में एमडीयू से एमबीए की पढ़ाई भी की है। कनिका की शादी 2013 में हुई ओर वे अपने पति के साथ मेरठ चली गई। कनिका ने शादी के बाद भी पढ़ाई नहीं छोड़ी और बीएड करके सोफिया गर्ल्स स्कूल में शिक्षिका की नौकरी की।

फिर टूटा दुखों का पहाड़
कनिका कौशिक का जीवन सामान्य रूप से चल रहा था। उनके तीन बच्चे हैं, लेकिन शादी के 10 साल बाद यानी वर्ष 2023 में उनके पति का निधन हो गया। उनके पति अयोध्या विकास प्राधिकरण में टाउन प्लानर के पद पर तैनात थे और ऑफिस में ही उनको कार्डियक अरेस्ट आ गया। जिस समय पति का निधन हुआ, कनिका की बड़ी बेटी सिर्फ नौ साल की थी। वहीं जुड़वां बेटा और बेटी की उम्र महज 3 साल थी।

पति की जगह मिली नौकरी
कनिका का कहना है कि पति का निधन होने के बाद जैसे जीवन बिखर सा गया था। ऐसे में उन्होंने बच्चों के भविष्य को देखा और फिर से नई शुरूआत की ताकत मिली। निश्चित रूप से दुख था, लेकिन दुख में डूबने का समय नहीं था। ऐसे में उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक अपनी स्थिति पहुंचाई तो मार्च 2024 को उन्हें अपने पति के स्थान पर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में ओएसडी की जिम्मेदारी मिली।

Related posts

गांव ददलाना में दशहत का माहौल, घर में घुसकर युवक को घोंपा चाकू, मौत, 4 घायल

Voice of Panipat

PANIPAT में घर से निकली मॉडल लापता,1 महीने से नहीं लौटी घर

Voice of Panipat

निकाय चुनाव से पहले CM सैनी पहुंचे दिल्ली, प्रधानमंत्री से कीमुलाकात

Voice of Panipat

Leave a Comment