हरियाणा के कच्चे कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश सरकार ने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और लाभ देने का फैसला किया है। इसको लेकर निर्देश भी जारी कर दिए गए है।
हरियाणा सरकार के मानव संसाधन विभाग (Human Resources Department) ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा 16 अप्रैल 2026 को सुनाए गए फैसले के बाद राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत अनुबंध (Contractual) और तदर्थ (Ad-hoc) कर्मचारियों को लेकर बड़ा फैसला किया है।
बीते 11 अगस्त 2026 को मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा इसको लेकर एक महत्वपूर्ण पत्र जारी किया है। जिसमें योग्य कर्मचारियों के नियमितीकरण (Regularization) और उनके सेवा संबंधी लाभों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
ये है दिशा- निर्देश
2014 की नियमितीकरण नीतियों पर मुहर: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप, सरकार ने 16 जून 2014 और 18 जून 2014 की पॉलिसी के तहत पात्र ग्रुप-बी, सी और डी के कर्मचारियों की सेवाओं को पक्का (Regularize) करने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है।
पात्रता मानदंड: वे कर्मचारी जो 28 मई 2014 तक स्वीकृत रिक्त पदों (Sanctioned Vacant Posts) पर कम से कम 3 साल पूरे कर चुके थे, आवश्यक योग्यता रखते हैं और वर्तमान में भी सेवा में हैं, उनकी पात्रता की जांच कर नियमितीकरण के आदेश दिए जाएंगे।
पदोन्नति और सेवा लाभों की बहाली: जून 2020, जून 2024 और दिसंबर 2024 में जारी पुरानी रोक/निर्देशों को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया है। नियमित हुए कर्मचारियों को उनकी पात्रता की तिथि से पदोन्नति और अन्य सभी परिणामी सेवा लाभ जारी किए जाएंगे।
7 जुलाई 2014 की पॉलिसी रद्द, लेकिन नौकरी सुरक्षित: सुप्रीम कोर्ट द्वारा 7 जुलाई 2014 की नियमितीकरण नीतियों को रद्द करने के निर्णय के तहत, उन कर्मचारियों को नौकरी से हटाया नहीं जाएगा जो वर्तमान में सेवा में बने हुए हैं। हालांकि, उन्हें उनके पद के न्यूनतम वेतनमान (Lowest Pay Scale) पर रखा जाएगा।
समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश: सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों और विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत सभी योग्य कर्मचारियों की पहचान करें और सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सत्यापन के बाद पक्का करने के आदेश जारी करें।

