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September 25, 2026
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Haryana: हरियाणा में किसानों को खाद लेने के लिए करानी होगी ऑनलाइन बुकिंग, इन जिलों से होगी शुरुआत

Haryana News: हरियाणा सरकार ने किसानों को सब्सिडी वाले उर्वरकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने और खाद वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नई डिजिटल व्यवस्था शुरू करने की तैयारी की है। इसके तहत किसान उर्वरक खरीदने से पहले ही मोबाइल एप या वेब पोर्टल के जरिए खाद की बुकिंग कर सकेंगे।

सरकार ने इस व्यवस्था के पायलट प्रोजेक्ट के लिए महेंद्रगढ़ और कैथल जिलों का चयन किया है। दोनों जिलों में परीक्षण के परिणामों के आधार पर इसे प्रदेश के अन्य जिलों में लागू करने पर फैसला लिया जाएगा।

किसान पहले बुक करेंगे, फिर तय केंद्र से मिलेगी खाद

नई व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को खाद की उपलब्धता की पहले से जानकारी देना, बिक्री केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ और भागदौड़ कम करना तथा उर्वरकों की मांग के आधार पर आपूर्ति की बेहतर योजना तैयार करना है।

प्रस्तावित सिस्टम में किसान अपनी उर्वरक जरूरत की अग्रिम जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज कर सकेंगे। इसके साथ ही वे अपनी सुविधा के अनुसार अधिकृत बिक्री केंद्र का चयन भी कर पाएंगे। बुकिंग स्वीकृत होने के बाद किसान को क्यूआर कोड या टोकन उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके आधार पर निर्धारित केंद्र से उर्वरक लिया जा सकेगा।

फसल और जमीन के आधार पर तय होगी खाद की मात्रा

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार के अनुसार, किसान द्वारा घोषित फसल और खेती के क्षेत्रफल के आधार पर उर्वरक की अनुशंसित मात्रा का आकलन किया जाएगा। किसान निर्धारित मानकों के अनुसार अनुशंसित मात्रा या उससे कम मात्रा के लिए आवेदन कर सकेंगे।

किसान की पहचान और प्रमाणीकरण के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक ई-केवाईसी या ओटीपी की सुविधा उपलब्ध होगी।

डिजिटल सुविधा से वंचित किसानों को भी मिलेगी मदद

सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने की योजना बनाई है कि डिजिटल साधनों का इस्तेमाल न कर पाने वाले किसानों को खाद की बुकिंग में परेशानी न हो। ऐसे किसानों को कॉमन सर्विस सेंटर, सहकारी समितियों, अधिकृत विक्रेताओं, विभागीय उप-डिपो और कृषि विस्तार कार्यकर्ताओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ से जुड़ेगा किसान रजिस्ट्री का डेटा

बैठक में ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर उपलब्ध सत्यापित किसानों की खेती संबंधी जानकारी को किसान रजिस्ट्री से जोड़ने के प्रस्तावित तंत्र की भी समीक्षा की गई।

प्रस्ताव के अनुसार, फसल सीजन के दौरान किसान अपनी खेती की भूमि का विवरण दर्ज करेंगे और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े पोर्टल पर संबंधित भूमि का चयन करेंगे। सत्यापन के बाद किसान, भूमि, फसल सीजन और स्वामित्व से संबंधित जानकारी सुरक्षित डिजिटल माध्यम से किसान रजिस्ट्री में उपलब्ध कराई जाएगी।

पंजीकरण पूरा होने के बाद पात्र किसान को विशिष्ट किसान पहचान नंबर जारी किया जाएगा। इस पहचान नंबर को किसान के खेती संबंधी रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा। फसल या खेती की स्थिति में बदलाव होने पर रिकॉर्ड को प्रत्येक फसल सीजन में अपडेट करने की सुविधा भी रहेगी।

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