Haryana News: हरियाणा में कुरुक्षेत्र के सेक्टर-7 में एडवोकेट बलवंत सिंह वालिया के घर गन प्वाइंट पर हुई सवा 3 करोड़ रुपये की लूट के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कमल और प्रिंस निवासी पानीपत तथा साहिल और अंश निवासी सोनीपत के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वारदात को पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया गया था।
पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए टेक्निकल जांच, साइबर सहायता और सीसीटीवी फुटेज की मदद ली। वारदात के दौरान नकाबपोश बदमाश घर में घुसे थे और अपने साथ घर में लगा डीवीआर भी ले गए थे। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और लूट की रकम की बरामदगी को लेकर जांच कर रही है।
6 अगस्त की रात घर में घुसे थे नकाबपोश
एडवोकेट बलवंत सिंह वालिया ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 6 अगस्त की रात करीब साढ़े 9 बजे वह खाना खाने के बाद अपने पालतू कुत्ते को घुमाने के लिए घर से बाहर गए थे। करीब 10 बजे जब वह वापस लौटे तो उनकी पत्नी सुषमा वालिया के हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए थे और उनके मुंह पर टेप लगी हुई थी।
वालिया के घर पहुंचते ही एक बदमाश ने उन्हें धक्का दिया। इसी दौरान घर में छिपे दो अन्य बदमाश भी सामने आ गए। विरोध करने पर उनकी बदमाशों से हाथापाई हुई। इसके बाद दो बदमाशों ने उन पर पिस्टल तान दी और उन्हें डराकर घर की तिजौरी तथा डिजिटल लॉकर तक ले गए।
पिस्टल के बल पर खुलवाई तिजौरी
बदमाशों ने घर में रखी तिजौरी और डिजिटल लॉकर खुलवाकर नकदी और जेवरात अपने कब्जे में ले लिए। शिकायत के मुताबिक, आरोपी करीब 17 से 20 लाख रुपये नकद, लगभग डेढ़ से दो किलो सोने और करीब चार किलो चांदी के जेवरात लेकर फरार हो गए।
वारदात के बाद बदमाश घर में लगे डीवीआर को भी अपने साथ ले गए, ताकि सीसीटीवी रिकॉर्डिंग पुलिस के हाथ न लग सके। इसके अलावा उन्होंने एडवोकेट की लाइसेंसी रिवाल्वर की करीब 30 गोलियां भी उठा लीं। बदमाशों ने परिवार को किसी को घटना की जानकारी देने पर जान से मारने की धमकी दी थी।
आरोपी ने ही खोला 20 मार्च की चोरी का राज
इस मामले में एक अहम जानकारी खुद एक आरोपी की बातचीत से सामने आई। एडवोकेट वालिया के मुताबिक, जब एक बदमाश उन्हें पिस्टल दिखाकर तिजौरी और डिजिटल लॉकर की ओर ले जा रहा था, उसी दौरान उसने 20 मार्च को उनके घर में हुई चोरी का भी जिक्र किया।
वालिया का कहना है कि मार्च में हुई चोरी भी इन्हीं बदमाशों ने की थी। पुलिस अब इस मामले को भी मौजूदा वारदात से जोड़कर जांच कर रही है।
शुरुआत में ब्लाइंड केस था मामला
एसपी चंद्र मोहन ने बताया कि वारदात के बाद मामला पुलिस के लिए पूरी तरह ब्लाइंड केस था। बदमाश नकाब पहने हुए थे और जिस वाहन से वारदात को अंजाम दिया गया, उसका नंबर भी स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं था। इसके अलावा आरोपी घर का डीवीआर भी अपने साथ ले गए थे।
पुलिस ने इसके बावजूद तकनीकी जांच, साइबर सहायता और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
रेकी के बाद बनाई थी पूरी योजना
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने वारदात से पहले एडवोकेट के घर की रेकी की थी। घर में प्रवेश करने, परिवार को काबू करने, तिजौरी तक पहुंचने और वारदात के बाद मौके से निकलने की योजना पहले से तैयार की गई थी।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को घर में रखी इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोने-चांदी के जेवरात के बारे में जानकारी कैसे मिली।
कुछ कैश बरामद, आपराधिक रिकॉर्ड की जांच जारी
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से कुछ नकदी बरामद करने का दावा किया है। आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में से एक का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है।

