वॉयस ऑफ पानीपत ( आयुषी त्यागी ) – हरियाणा सरकार अब शासन व्यवस्था को और अधिक आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। राज्य में अवैध निर्माण, अतिक्रमण, अवैध खनन, प्रदूषण और पुराने कचरा स्थलों की निगरानी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), हाई रेजोल्यूशन ड्रोन इमेजिंग और डिजिटल मैपिंग के जरिए की जाएगी। इस नई व्यवस्था के तहत फरीदाबाद, हिसार, करनाल, पानीपत और यमुनानगर के करीब 800 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की डिजिटल मैपिंग पूरी हो चुकी है। इससे सरकारी विभागों को सटीक डिजिटल डेटा मिलेगा और कार्रवाई पहले से अधिक तेज और प्रभावी हो सकेगी।

सोमवार को मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने ड्रोन इमेजिंग एंड इंफॉर्मेशन सर्विसेज ऑफ हरियाणा (दृश्य) के निदेशक मंडल की बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में एआई आधारित चेंज डिटेक्शन एप्लीकेशन की प्रगति पर भी चर्चा हुई, जो हाई रेजोल्यूशन ड्रोन तस्वीरों के माध्यम से अवैध निर्माण और अतिक्रमण की स्वतः पहचान करेगा। इसके साथ ही गुरुग्राम में नगर निगम की परिसंपत्तियों की डिजिटल मैपिंग, लगभग 60 हजार मैनहोल और गली ट्रैप की सेंटीमीटर स्तर की जियो-रेफरेंसिंग की जा रही है। वहीं प्रदेश की खनक स्टोन माइंस में ड्रोन से हर महीने निगरानी की जा रही है, जिससे खनन की वास्तविक मात्रा का वैज्ञानिक और सटीक आकलन संभव होगा।
इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत प्रदेश की 16 नगर परिषदों में पुराने कचरा स्थलों का ड्रोन सर्वे पूरा कर रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को सौंप दी गई है, जिससे वैज्ञानिक तरीके से कचरे के निस्तारण और लैंडफिल प्रबंधन में मदद मिलेगी। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के लिए प्रमुख नालों की ड्रोन और थर्मल कैमरों से निगरानी भी की जा रही है, ताकि अवैध सीवेज डिस्चार्ज, प्रदूषण वाले संवेदनशील क्षेत्रों और पर्यावरणीय उल्लंघनों की समय रहते पहचान कर कार्रवाई की जा सके। सरकार का मानना है कि इन आधुनिक तकनीकों के उपयोग से शहरी नियोजन, पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक निगरानी को नई मजबूती मिलेगी।
TEAM VOICE OF PANIPAT

