Haryana News : हरियाणा में बढ़ती आबादी को देखते हुए शहरों के विस्तार करने पर प्लान बनाया जा रहा है। शहरों की सीमा को बढ़ाने का जिम्मा नगर निगम व नगर परिषदों को दिया गया है। जहां पर नगर निगम व परिषद प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठकर इस प्लान को तैयार किया जा सके।
इसकी कड़ी में पानीपत नगर निगम ने शहर की सीमा को बढ़ाने की तैयारी को तेज कर दिया है। पानीपत शहर के विस्तार के लिए मेयर कार्यालय में महापौर कोमल सैनी की अध्यक्षता में पार्षद व अधिकारियों की बैठक हुई। जहां पर शहर व आसपास के क्षेत्र के नक्शा को लेकर चर्चा की गई।
मुख्य रूप से शहर के बाहरी क्षेत्रों, नई विकसित हो रही कालोनियों और औद्योगिक क्षेत्रों को नगर निगम की सीमा में शामिल करने की संभावनाओं पर विचार किया गया। महापौर ने सर्वे रिपोर्ट के निर्देश दिए। जहां पर रिपोर्ट को तैयार करके हाउस की बैठक में पास किया जाएगा। इसके बाद फाइनल रिपोर्ट को मंजूरी के लिए हरियाणा सरकार के पास भेजा जाएगा। जहां पर फाइनल मोहर लगने के बाद पानीपत के आसपास के गांवों की जमीन भी शहरी क्षेत्र में आ जाएगी और उन गांवों को भी शहर की तर्ज पर ही सुविधा दी जाएगी।
बैठक में इन प्रमुख मुद्दों पर हुआ विचार विमर्श
सीमा विस्तार की तैयारी तेज बाहरी कालोनियों को जोड़ने की तैयारियां शुरू
मेयर ने पार्षदों व अधिकारियों के साथ बैठक कर मांगी विस्तृत सर्वे रिपोर्ट
सड़क, सीवरेज, पेयजल और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं का होगा विस्तार
डीटीपी और टाउन प्लानिंग विभाग को व्यवहार्यता रिपोर्ट जल्द तैयार करने के निर्देश
नगर निगम हाउस से मंजूरी के बाद राज्य सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव
निगम हाउस की मंजूरी के बाद अंतिम निर्णय लेगी राज्य सरकार
महापौर कोमल सैनी ने बताया कि योजनाकार विभाग की व्यवहार्यता रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद प्रस्ताव को नगर निगम हाउस की बैठक में रखा जाएगा। हाउस की मंजूरी मिलने के बाद इसे अंतिम स्वीकृति के लिए राज्य सरकार को भेजा जाएगा। सीमा विस्तार से जुड़े तकनीकी मापदंडों का शीघ्र सर्वे कर रिपोर्ट तैयार होगी।
उद्देश्य भौगोलिक सीमा बढ़ाना ही नहीं, क्षेत्रों विकास करना
महापौर कोमल सैनी ने कहा कि पानीपत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाला टेक्सटाइल और औद्योगिक शहर है। बीते वर्षों में बड़ी संख्या में नई रिहायशी और व्यावसायिक कालोनियां विकसित हुई हैं, लेकिन निगम सीमा से बाहर होने से वहां के लोगों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। निगम का उद्देश्य केवल भौगोलिक सीमा बढ़ाना नहीं है, बल्कि इन क्षेत्रों को भी विकास से जोड़ना है। सीमा विस्तार के बाद इन क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी। पार्षद भी अपने क्षेत्रों की जरूरत और सीमावर्ती इलाकों की समस्याएं बताएं।
योजना के चार प्रमुख लाभ
बेहतर सड़क और आधारभूत ढांचा: नए शामिल क्षेत्रों में सड़क, नाले और एलईडी स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं का विस्तार होगा।
सीवरेज और पेयजल व्यवस्था मजबूतः बाहरी कालोनियों को नियमित सीवरेज नेटवर्क और स्वच्छ पेयजल आपूर्ति से जोड़ा जा सकेगा।
सफाई व्यवस्था का विस्तार : डोर- टू-डोर कचरा संग्रहण और नियमित सफाई व्यवस्था लागू होगी।
नियोजित शहरी विकास मास्टर : प्लान के अनुसार विकास होने से अवैध निर्माण और अनियोजित विस्तार पर नियंत्रण लगेगा।

