July 22, 2026
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नए साल पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा की खास रणनीति, कैसा होगा हरियाणा कांग्रेस

का नया रूप,जानिए

वायस ऑफ पानीपत (देवेंद्र शर्मा)

जैसै ही नया साल शुरु हुआ है वैसै ही हरियाणा कांग्रेस भी नए रंग-ढंग में नजर आएगी।पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा जहां कांग्रेस की एकजुटता के लिए प्रयास करते नजर आएंगे, वहीं विभिन्न कारणों से पार्टी छोड़ चुके अपने पुराने साथियों को भी हुड्डा खेमा फिर से जोडने का प्रयास करेगा। इस काम की जिम्मेदारी हुड्डा ने अपने बेटे राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र सिंह हुड्डा को सौंपी है। दीपेंद्र ने साल की शुरुआत के साथ ही अपने पिता के दिए गए निर्देशों पर काम शुरू कर दिया है।

दीपेंद्र हरियाणा को तीन हिस्सों में बांटकर बड़े हुड्डा की रणनीति पर आगे बढ़ेंगे। उत्तर हरियाणा की राजनीतिक गतिविधियों को चंडीगढ़ से अंजाम दिया जाएगा, जबकि मध्य हरियाणा की गतिविधियां रोहतक से चलेंगी। दक्षिण हरियाणा में पड़ने वाले जिलों और उनके नेताओं को दिल्ली बैठकर कवर किया जाएगा। इस दौरान हुड्डा पिता-पुत्र नए साल में प्रदेश भर का दौरा शुरू करने वाले हैं। किसान आंदोलन के बाद राजनीतिक दलों के जो हालात बने हैं, उसके मद्देनजर हुड्डा पिता-पुत्रों ने अपनी गतिविधियों को गति देने की रणनीति तैयार की है।

कांग्रेस सूत्रों की मानें तो शहरी निकाय चुनाव में पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा अपनी धर्मपत्नी शक्ति रानी शर्मा को भाजपा का टिकट दिलाना चाहते थे, लेकिन उन्हीं लोगों ने इसमें अड़चन पैदा कर दी, जिन्होंने उनकी व उनके पुत्र की भाजपा में तीन बार एंट्री  होते होते रह गई।अब शक्ति रानी शर्मा चूंकि चुनाव जीत गई हैं। तो उनकी घर वापसी के लिए रास्ते साफ किए जा रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री चौ. निर्मल सिंह की आस्था बड़े हुड्डा में और उनकी बेटी चित्रा सरवारा की आस्था दीपेंद्र में है। लिहाजा उनसे भी बातचीत चल रही है।

हुड्डा ने दीपेंद्र को उन विधायकों व उम्मीदवारों से भी लगातार संपर्क साधने को कहा है, जिन्हें वह 2019 में टिकट दिलाने में कामयाब नहीं हो सके। ऐसे तमाम नेताओं से दीपेंद्र व हुड्डा दोनों संपर्क में है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि भाजपा के कम से कम तीन विधायक हुड्डा खेमे के संपर्क में हैं, जबकि दो से तीन कांग्रेस विधायक भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल के यहां हाजिरी भरते हैं। ऐसे में हुड्डा खेमे किसी बड़े राजनीतिक खेल का रिस्क लेने के बजाय अपनी टीम को मजबूत करने पर ज्यादा जोर दे रहा है।

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