वॉयस ऑफ पानीपत (आयुषी त्यागी) – दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन पर सरकार ने एक्शन लेना शुरू कर दिया है। CJP प्रोटेस्ट में बढ़ती भीड़ को देखते हुए हरियाणा से दिल्ली की ओर निकल रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं को रास्ते में ही रोक दिया गया, जबकि दूसरी ओर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को लेकर भी बड़ा विवाद खड़ा हो गया। CJP ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें जबरन अस्पताल ले जाकर आंदोलन को दबाने की कोशिश की।

सोनम वांगचुक को लेकर जाती पुलिस बल
शनिवार सुबह से ही हरियाणा और दिल्ली की सीमाओं पर भारी पुलिस फोर्स अलर्ट पर है । सोनीपत रेलवे स्टेशन पर जंतर-मंतर जा रहे कई हरियाणवी नेताओं को रोक दिया गया। वहीं, नेशनल हाईवे-44 समेत कई जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया ताकि बड़ी संख्या में आने वाले प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पहुंचने से रोका जा सके।
इसी बीच CJP के प्रवक्ता विजेता दहिया ने दावा किया कि 21 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को बिना वर्दी पहुंचे पुलिसकर्मी जबरन सफदरजंग अस्पताल ले गए। उनका आरोप है कि पुलिस ने पहले स्वयंसेवकों के साथ धक्का-मुक्की की, फिर विरोध के बावजूद वांगचुक को वहां से हटाया। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए कहा कि यह किसी “किडनैपिंग” से कम नहीं था।
दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई पर विजेता दहिया ने भाजपा सरकार को निशाना बनाते हुए कहा कि आवाज को दबाया जा रहा है और अब उन्हें भी कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “मैं हरियाणवी हूं… गिरफ्तारी से डरता नहीं। अगर गिरफ्तार करना है तो सामने आकर कर लो।”
फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है। एक ओर प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं, तो दूसरी ओर पुलिस सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। फिलहाल सबकी नजर इस ओर है कि आंदोलन में जीत किसकी होगी !
TEAM VOICE OF PANIPAT

