वॉअस ऑफ पानीपत(तम्नना गोयल) – पिछले कुछ सालों से भारत जापान के संबंध मजबूत होते दिख रहे हैं ।भारत- जापान के रिश्ते में आज फिर से एक बहुत बड़ा व्यापारिक बदलाव होने जा रहा है । आज जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची भारत के तीन दिवसीय दौरे पर आने वाली है जिस दौरान वें नई दिल्ली में रहेंगी । कल 2 जुलाई को पीएम मोदी के साथ उनकी बैठक होगी। ये मीटिंग दोनो देशों के आर्थिक और राजनीतिक मामलों में बेहद अहम मानी जा रही है। इस मुलाकात के दौरान दोनो देश रुपये और येन में कारोबार करने की बड़ी तैयारी कर रहे हैं। इसके अलावा मीटिंग में सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण खनिज, एआई और अन्य 10 अलग-अलग समझौते पर साइन हो सकते हैं। ये दोनों देशो के बीच 16वा समिट होगा जिसमें उनके साथ सुजुकी ,टोयोटा त्सूशो और इतोचू कॉरपोरोशन जैसी बड़ी जापानी कंपनियो के सीईओ(CEO) भी शामिल होंगे ।

PM मोदी के साथ जापान की पी.एम. सानाए ताकाइची
हाइलाइटस:
• कोई तीसरी मुद्रा नहीं :-वर्तमान में अगर भारत को जापान से कुछ खरीदना होता है तो भारतीय रुपये को पहले डॉलर में बदलना पड़ता है जिसमे कन्वर्जन चार्ज लगता हैं और हजारो का नुकसान होता है लेकिन अब ये डबल करेंसी कन्वर्जन खत्म हो जाएगा और रुपए से येन मे सीधा कारोबार हो सकेगा । यह ट्रंप प्रशासन के मनमाने टैरिफ से बचने में अहम साबित होगा ।
• विशेष बैंक खाते:-अब जापानी कंपनियों को भारतीय बैंको में अकाउंट खोलने की अनुमति होगी। डॉलर को बीच से हटाकर रीमेंटस फीस कम होगी और साथ ही समय और लाग़त की बचत होगी ।
• चीन से बचाव:-चीन की बढ़ती सैन्य आक्रामता को रोकने के लिए भी ये मीटिंग खास है ।दोनो देश सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण खनिज पर चीन के एकाधिकार को खत्म करना चाहते हैं ।
• येन के निवेश को रफ्तार:-जापान ने भारत में तकनीकी विकास के लिए 10लाख करोड़ येन मतलब लगभग 61-68 अरब डॉलर के निवेश का वादा किया है|जिससे भारत को तकनीकी विकास मे मद़द मिलेगी।
• ऊर्जा संरक्षण:- दरसअल जापान और भारत मुख्य ऊर्जा (तेल और गैस)को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आयात करते है इसलिए अब समुद्री मार्ग के बंद होने के खतरे से बचने के लिए भी ये मीटिंग की जा रही है ।
• AI सहयोग:-इसके अलावा AI मे सहयोग के लिए भारत को एशिया का बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए भी जापान भारत में निवेश करना चाहता हैं।
आपको बता दे पहले ये मीटिंग असम के गोवाहटी में होने वाली थी पर सुरक्षा कारणों से ये मीटिंग अब नई दिल्ली में होगी ।ये मीटिंग सिर्फ व्यापार की शर्त ही नहीं बल्की आर्थिक सुरक्षा को पहल देने और भविष्य में एक नया पावर ब्लॉक खड़ा करने की तैयारी है। साथ ही इस मीटिंग से दोनो देशों के बीच अच्छे संबंध स्थापित होंगे।
TEAM VOICE OF PANIPAT

