वॉयस ऑफ पानीपत (आयुषी त्यागी) – हरियाणा पुलिस की वर्दी पहनने का सपना लेकर फिजिकल एग्जाम देने पहुंचे एक युवक की मौ#त का मामला सामने आया है। कथित तौर पर दौड़ते युवक के गिरकर बेहोश हो जाने और अस्पताल पहुंचने पर मौ#त की खबर ने बहुत से सवाल चर्चा में ला दिए हैं – क्या युवक शारीरिक रूप से फिट नहीं था या सरकारी सिस्टम में खामी से युवक की जान चली गई?
जानकारी के अनुसार, महेंद्रगढ़ के मूल निवासी कपिल हरियाणा पुलिस भर्ती का फिजिकल देने 30 जून को घर से पंचकूला के लिए निकले थे। शाम के समय उनकी पिता से आखिरी बात हुई थी। रात को कपिल चंडीगढ़ में गांव के ही एक जानकार के घर रुका और अगली सुबह 1 जुलाई को कपिल रैपिडो से पंचकूला स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम पहुंचा, जहां उसका फिजिकल एग्जाम होना था। भर्ती में शामिल अन्य युवकों ने बताया कि कपिल PST के दौरान दौड़ लगाते समय अचानक हार्टबीट बढ़ने पर वहीं गिर गया, जिसके बाद अनुज नामक युवक ने परिजनों को फोन कर कपिल के गिरकर बेहोश होने के कारण उसे अस्पताल ले जाने की सूचना दी। बाद में, जब तक परिजन अस्पताल पहुंचे, तब तक कपिल को डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किया जा चुका था।

गाँव में हुई पंचायत
कपिल की अकस्मात मौत पर पूरे गांव में सरकार के खिलाफ रोष है। परिजनों ने भी सरकार की व्यवस्था और अनदेखी पर सवाल खड़े किए हैं। कपिल के पिता हीरालाल का कहना है कि कपिल लंबे समय से पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहा था, जिसके लिए वह रोज सुबह दौड़ और एक्सरसाइज करता था। वह पहले CISF भर्ती की 6 किलोमीटर की दौड़ भी निकाल चुका है। कपिल शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट था। परिजनों को उससे बहुत उम्मीद थी। पर अब सरकार की अनदेखी और कार्यप्रणाली ने उनका बेटा छीन लिया है।
आपको बता दें, कपिल की मौत के बाद सोशल मीडिया पर भी एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दिख रहा युवक कथित तौर पर कपिल ही बताया जा रहा है। वीडियो में युवक एक रनिंग ट्रैक पर बेहोश होता दिख रहा है और दूसरे युवक उसे पानी पिलाने की कोशिश करते हुए नजर आ रहे हैं। जिस पर हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के चेयरमैन हिम्मत सिंह का बयान आया, जिसमें उन्होंने वीडियो में दिख रहे युवक के बारे में सफाई देते हुए उसके कपिल न होने का दावा किया है। उन्होंने परिजनों से इसकी जांच के लिए ऑफिस आकर कपिल का वीडियो देखने को भी कहा। जवाब में कपिल के पिता ने कहा – “सोशल मीडिया पर जो वीडियो चल रहा है। अगर हम मान लें कि वो मेरे बेटे का नहीं है। लेकिन मदद तो उसे भी नहीं मिली, जिसका यह वीडियो है। सिस्टम में खामी है, जो मेरे बेटे की मौत का कारण बना।”

हिम्मत सिंह दवारा की गई पोस्ट
फिलहाल, कपिल के गांव के लोगों में सरकारी सिस्टम के खिलाफ गुस्सा है। वहां के सरपंच ने गांव के बेटे कपिल की मौत पर सरकार से उसकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग की है, क्योंकि वह 7 माह की गर्भवती है और पहले से भी एक बच्चा है। ऐसे में कपिल की पत्नी पर दो बच्चों की जिम्मेदारी आएगी। इसके लिए पूरा गांव जल्द ही आंदोलन भी करेगा।
TEAM VOICE OF PANIPAT

